मुंबई मैनहोल हादसा: मिलिंद देवरा ने BMC पर साधा निशाना, लापरवाह अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना सांसद मिलिंद देवरा ने 2 जुलाई को मुंबई में मैनहोल हादसे के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की मॉनसून तैयारियों और प्रशासनिक जवाबदेही पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को बर्खास्त किया जाए ताकि एक कड़ा संदेश जाए।
मैनहोल संकट: क्या है स्थिति
देवरा ने बताया कि न्यायालय ने BMC को निर्देश दिया है कि मुंबई के सभी मैनहोल पर वायर मेश लगाई जाए ताकि कोई व्यक्ति गिरने पर अंदर न जाए। उन्होंने कहा कि लगभग 70 हजार मैनहोल पर यह काम पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी 3,000 से 4,000 मैनहोल पर यह सुरक्षा उपाय बाकी है। यह अधूरा काम ही हादसों की जड़ बन रहा है।
BMC पर जवाबदेही का सवाल
देवरा ने एक आम मुंबईकर की भावना से बोलते हुए कहा कि BMC भारत की सबसे अमीर और सबसे बड़ी महानगरपालिका है, फिर भी दशकों से इसका दुरुपयोग होता रहा है और जवाबदेही का नितांत अभाव रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में कोस्टल रोड प्रोजेक्ट जैसे सकारात्मक कदम उठाए हैं — जिसमें साइक्लिंग ट्रैक और लगभग 300 एकड़ का कोस्टल गार्डन आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा — लेकिन बुनियादी व्यवस्थाओं में गंभीर कमियाँ अभी भी बनी हुई हैं।
अधिकारी-ठेकेदार गठजोड़ पर आरोप
देवरा ने आरोप लगाया कि कई मामलों में BMC अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि इस नेक्सस को पूरी तरह उजागर किया जाना चाहिए, दोषी अधिकारियों पर सुधारात्मक कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए ताकि अन्य अधिकारी अपने काम को अधिक गंभीरता से लें। गौरतलब है कि हर मानसून में मुंबई में पेड़ गिरने, जलभराव और मैनहोल हादसों की पुनरावृत्ति होती है, जो प्रशासनिक विफलता का एक स्थायी पैटर्न बन चुका है।
मॉनसून-प्रूफ मुंबई की पुकार
देवरा ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण मानसून अब अनियमित हो गया है और जब आता है तो अत्यधिक तेज बारिश होती है। ऐसे में BMC को पहले से व्यापक योजना बनाकर मैनहोल, पेड़ और अन्य संभावित खतरों की निगरानी, जाँच और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने मुंबई को 'मानसून-प्रूफ' बनाने की अपील की। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की शुरुआत के साथ ही शहर में कई हादसे सामने आ चुके हैं।
ऑपरेशन टाइगर और राजनीतिक संदर्भ
ऑपरेशन टाइगर से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर देवरा ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी को मजबूत करना उनका प्राथमिक लक्ष्य है। उनका तर्क था कि मजबूत पार्टी से मजबूत सरकार बनेगी और तभी जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव होगा। उन्होंने लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और राहत देने को अपना मुख्य उद्देश्य बताया।
देवरा की यह माँग मुंबई की उस व्यापक नागरिक पीड़ा की आवाज़ है जो हर मानसून में दोहराई जाती है — अब देखना यह होगा कि BMC प्रशासन इस बार जवाबदेही की दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।