6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मानखुर्द इमारत हादसा: 6 मौतें प्रशासनिक विफलता का नतीजा, अबू आजमी ने BMC पर साधा निशाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मानखुर्द इमारत हादसा: 6 मौतें प्रशासनिक विफलता का नतीजा, अबू आजमी ने BMC पर साधा निशाना

सारांश

मानखुर्द में 6 मौतें महज एक हादसा नहीं — यह दशकों की प्रशासनिक उदासीनता का हिसाब है। सपा विधायक अबू आजमी ने BMC और सत्तारूढ़ गठबंधन दोनों को कटघरे में खड़ा किया है। सवाल सिर्फ एक इमारत का नहीं, पूरे शहर की जवाबदेही का है।

मुख्य बातें

मुंबई के मानखुर्द में 6 जुलाई को मकान गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई।
सपा विधायक अबू आजमी ने हादसे को BMC की प्रशासनिक विफलता और कथित भ्रष्टाचार का परिणाम बताया।
1995 में तत्कालीन सरकार का निर्णय था कि नई अवैध झुग्गियाँ बनने पर वार्ड अधिकारी और बीट पुलिस पर कार्रवाई होगी — जो कथित तौर पर कभी लागू नहीं हुई।
आजमी ने मिसिंग लिंक परियोजना क्षेत्र में भूस्खलन और सड़क निर्माण में अनियमितताओं पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से दोषी अधिकारियों को निलंबित करने और जेल भेजने की माँग की।

मुंबई के मानखुर्द इलाके में 6 जुलाई को मकान गिरने से 6 लोगों की मौत के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अबू आजमी ने इस त्रासदी को सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की कथित लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने दोषी अधिकारियों को निलंबित करने और ज़रूरत पड़ने पर जेल भेजने की माँग की।

मुख्य घटनाक्रम

मानखुर्द में एक मकान के ढहने से 6 लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद सपा विधायक अबू आजमी ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह घटना अचानक नहीं हुई — यह दशकों की प्रशासनिक उदासीनता और कथित भ्रष्टाचार का स्वाभाविक परिणाम है। उन्होंने इस हादसे की स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच की माँग की।

अवैध निर्माण और 1995 का वादा

आजमी ने याद दिलाया कि 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर जोशी की सरकार ने निर्णय लिया था कि 1 जनवरी 1995 तक बनी झुग्गियों को नियमित किया जाएगा और पात्र लोगों को आवास दिया जाएगा। साथ ही यह भी तय हुआ था कि इसके बाद नई अवैध झुग्गियाँ बनने पर संबंधित वार्ड अधिकारी और पुलिस बीट अधिकारी पर कार्रवाई होगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय के बावजूद पिछले कई दशकों में अवैध निर्माण बेरोकटोक जारी रहा। उनके अनुसार, कथित तौर पर रिश्वत देकर एक के बाद एक अतिरिक्त मंजिलें खड़ी कर दी जाती हैं, जबकि नींव की मजबूती और इंजीनियरिंग मानकों की पूरी तरह अनदेखी होती है।

BMC पर भ्रष्टाचार के आरोप

आजमी ने कहा कि BMC में वर्षों से सत्ता उन्हीं राजनीतिक दलों और गठबंधनों के पास रही है, फिर भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बदलाव का दावा किया जाता है, तो उसका असर जमीनी स्तर पर भी दिखना चाहिए। उन्होंने जलभराव और सफाई व्यवस्था का भी ज़िक्र करते हुए कहा कि हर बारिश में शहर के कई इलाके जलमग्न हो जाते हैं, जबकि दक्षिण मुंबई में यह समस्या अपेक्षाकृत कम है — जो नियोजन की असमानता को दर्शाता है।

मिसिंग लिंक परियोजना और सड़क निर्माण पर सवाल

हाल ही में उद्घाटन की गई मिसिंग लिंक परियोजना के क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाओं पर भी आजमी ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएँ हैं — कई परियोजनाओं में महीनों तक सड़कें खुदी रहती हैं और बारिश के दौरान आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

सरकार से माँग और आगे की राह

आजमी ने मुख्यमंत्री से अपील की कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल जुर्माना लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता — जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे। निर्माण कार्यों की स्वतंत्र जाँच और सत्यापन-योग्य जवाबदेही तंत्र की स्थापना उनकी प्रमुख माँगों में शामिल रही।

संपादकीय दृष्टिकोण

जुर्माना और बयानबाज़ी के बाद व्यवस्था जस की तस रहती है। आजमी का 1995 के वादे का संदर्भ महत्वपूर्ण है: तीन दशकों में सत्ता बदलती रही, लेकिन अवैध निर्माण पर अंकुश नहीं लगा। असली सवाल यह है कि BMC के पास अवैध निर्माण की सूचना देने वाले तंत्र होने के बावजूद वे क्यों निष्क्रिय रहते हैं — और इसका जवाब राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी में छुपा है। जब तक जिम्मेदारी व्यक्तिगत स्तर पर तय नहीं होगी, ये हादसे मौसमी खबरें बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई के मानखुर्द में क्या हुआ?
6 जुलाई को मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक मकान गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा अवैध और बहुमंजिला निर्माण की कथित लापरवाही से जोड़ा जा रहा है।
अबू आजमी ने BMC पर क्या आरोप लगाए?
सपा विधायक अबू आजमी ने BMC पर कथित भ्रष्टाचार और कानून के प्रभावी पालन में विफलता का आरोप लगाया। उनके अनुसार कथित तौर पर रिश्वत लेकर बिना तकनीकी जाँच के अतिरिक्त मंजिलें बनाई जाती रही हैं।
1995 का वह कानून क्या था जिसका आजमी ने ज़िक्र किया?
1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर जोशी की सरकार ने तय किया था कि 1 जनवरी 1995 के बाद बनने वाली नई अवैध झुग्गियों पर संबंधित वार्ड अधिकारी और पुलिस बीट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। आजमी का आरोप है कि यह प्रावधान कभी प्रभावी रूप से लागू नहीं हुआ।
आजमी ने सरकार से क्या माँगें रखीं?
उन्होंने मुख्यमंत्री से माँग की कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों को निलंबित किया जाए और ज़रूरत पड़ने पर जेल भेजा जाए। साथ ही निर्माण कार्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच कराने की भी अपील की।
क्या मिसिंग लिंक परियोजना से भी इस हादसे का संबंध है?
आजमी ने हाल ही में उद्घाटन की गई मिसिंग लिंक परियोजना के क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाओं का अलग से उल्लेख किया और सड़क निर्माण में अनियमितताओं पर सवाल उठाए। हालाँकि, इस परियोजना का मानखुर्द हादसे से प्रत्यक्ष संबंध स्रोत में स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले