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मुंबई साकीनाका खुले मैनहोल में गिरकर असलम शेख की मौत, BMC ने 4 अधिकारी निलंबित किए

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मुंबई साकीनाका खुले मैनहोल में गिरकर असलम शेख की मौत, BMC ने 4 अधिकारी निलंबित किए

सारांश

मुंबई के साकीनाका में खुले मैनहोल में गिरकर 55 वर्षीय असलम शेख की जान चली गई — वह स्थान जहाँ BMC का ठेकेदार काम कर रहा था, लेकिन न बैरिकेड था, न चेतावनी बोर्ड। BMC ने 4 अधिकारी निलंबित किए, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट किया और 8 दिनों में पूरे शहर का सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया।

मुख्य बातें

2 जुलाई 2026 को मुंबई के साकीनाका, खैरानी रोड पर खुले मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय असलम इसाक शेख की मौत हो गई।
हादसे के समय BMC सीवेज ऑपरेशन विभाग का ठेकेदार मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने का काम कर रहा था; कार्यस्थल पर बैरिकेड या चेतावनी बोर्ड नहीं था।
BMC आयुक्त अश्विनी भिड़े ने 4 अधिकारियों — धनाजी हेर्लेकर, दीपक चौगुले, अभिजीत चौगुले और उत्तम पाटील — को निलंबित किया।
संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए गए।
महापौर रितू तावडे ने मृतक के परिवार को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
अगले 8 दिनों में पूरे मुंबई के मैनहोल का 100% सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा; जाँच समिति 7 दिनों में रिपोर्ट देगी।

मुंबई के साकीनाका क्षेत्र में खैरानी रोड पर 2 जुलाई 2026 को एक दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय असलम इसाक शेख की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश जारी किए।

हादसा कैसे हुआ

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय BMC का सीवेज ऑपरेशन विभाग मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने का कार्य कर रहा था। कार्यस्थल पर न तो बैरिकेड लगाए गए थे और न ही कोई चेतावनी बोर्ड रखा गया था। असलम शेख मोबाइल फोन पर बात करते हुए वहाँ से गुजर रहे थे। कर्मचारियों ने उन्हें आवाज़ देकर रोकने की कोशिश की, लेकिन वे संतुलन खो बैठे और सीधे खुले मैनहोल में जा गिरे।

घटना की सूचना मिलते ही BMC और मुंबई फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया, परंतु तमाम प्रयासों के बावजूद असलम शेख को बचाया नहीं जा सका।

निलंबित अधिकारी और प्रशासनिक कार्रवाई

BMC आयुक्त अश्विनी भिड़े ने घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल जाँच के आदेश दिए। प्रारंभिक जाँच में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी सामने आने पर 'एल' विभाग के निम्नलिखित चार अधिकारियों को निलंबित किया गया:

असिस्टेंट कमिश्नर धनाजी हेर्लेकर, असिस्टेंट इंजीनियर दीपक चौगुले, जूनियर इंजीनियर अभिजीत चौगुले और सीवेज ऑपरेशन के असिस्टेंट इंजीनियर उत्तम पाटील। इसके अलावा संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश भी जारी किया गया है।

मामले की विस्तृत जाँच के लिए अतिरिक्त आयुक्त (पश्चिम उपनगर) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

पीड़ित परिवार को मुआवज़ा

महापौर रितू तावडे ने मृतक असलम इसाक शेख के परिवार को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह राशि तत्काल प्रदान की जाएगी।

मुंबई के मैनहोल: एक पुरानी समस्या

गौरतलब है कि मुंबई में खुले या क्षतिग्रस्त मैनहोल से होने वाली दुर्घटनाएँ कोई नई बात नहीं हैं — विशेष रूप से मानसून के दौरान जब जलभराव से मैनहोल अदृश्य हो जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शहर में मानसून-पूर्व रखरखाव कार्य जोरों पर है। आलोचकों का कहना है कि ठेकेदारों पर निगरानी की कमी और सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी वर्षों से बनी हुई है।

आगे क्या होगा

BMC ने निर्देश दिया है कि अगले 8 दिनों में पूरे मुंबई के समस्त मैनहोल का 100 प्रतिशत सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। उच्चस्तरीय जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसके बावजूद ज़मीनी जवाबदेही का ढाँचा कमज़ोर रहा है। चार अधिकारियों का निलंबन और ठेकेदार का ब्लैकलिस्टिंग तात्कालिक प्रतिक्रिया है, लेकिन असली सवाल यह है कि सुरक्षा जाली लगाने का काम कर रहे ठेकेदार की निगरानी उस दिन कहाँ थी। 8 दिनों का सुरक्षा ऑडिट तब तक अर्थहीन है जब तक उसके परिणाम सार्वजनिक न हों और उल्लंघनकर्ताओं पर वास्तविक दंड न लगे। ₹10 लाख का मुआवज़ा एक परिवार की क्षति की भरपाई नहीं करता — यह सिस्टम की विफलता की कीमत है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई साकीनाका मैनहोल हादसे में क्या हुआ?
2 जुलाई 2026 को मुंबई के साकीनाका स्थित खैरानी रोड पर 55 वर्षीय असलम इसाक शेख खुले मैनहोल में गिर गए और उनकी मौत हो गई। उस समय BMC का ठेकेदार मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने का काम कर रहा था, लेकिन कार्यस्थल पर न बैरिकेड थे और न चेतावनी बोर्ड।
BMC ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
BMC आयुक्त अश्विनी भिड़े ने 'एल' विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर धनाजी हेर्लेकर समेत चार अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए। अतिरिक्त आयुक्त (पश्चिम उपनगर) की अध्यक्षता में जाँच समिति 7 दिनों में रिपोर्ट देगी।
असलम शेख के परिवार को कितना मुआवज़ा मिलेगा?
महापौर रितू तावडे ने मृतक असलम इसाक शेख के परिवार को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुंबई में मैनहोल सुरक्षा ऑडिट कब होगा?
BMC ने आदेश दिया है कि अगले 8 दिनों में पूरे मुंबई के सभी मैनहोल का 100 प्रतिशत सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
हादसे के लिए कौन ज़िम्मेदार पाया गया?
प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि ठेकेदार की ओर से सुरक्षा के अनिवार्य इंतज़ाम — जैसे बैरिकेड और चेतावनी बोर्ड — नहीं किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही इस हादसे का मुख्य कारण है; विस्तृत जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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