12 अगस्त 2026
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मुंबई के कुर्ला में भूस्खलन से 6 की मौत, 4 घायल; बीएमसी-एनडीआरएफ का रेस्क्यू जारी

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मुंबई के कुर्ला में भूस्खलन से 6 की मौत, 4 घायल; बीएमसी-एनडीआरएफ का रेस्क्यू जारी

सारांश

मुंबई के कुर्ला (पश्चिम) में तड़के हुए भूस्खलन ने सोती हुई बस्ती को तबाह कर दिया — 6 मौतें, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। बीएमसी, एनडीआरएफ और मुंबई पुलिस का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। महापौर ने मृतक परिवारों को ₹4 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता की घोषणा की।

मुख्य बातें

12 अगस्त 2026 को तड़के 3 से 3:45 बजे के बीच मुंबई के कुर्ला (पश्चिम) के अशोक नगर, टेकड़ी क्रमांक 3 पर भूस्खलन हुआ।
हादसे में 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जिनमें 2 वर्षीय अबान और 4 वर्षीय मन्नत जैसे छोटे बच्चे शामिल हैं।
4 घायल — सोहेल अंसारी, मोहम्मद अंसारी, नईमुद्दीन इकबाल खान और साजिद अंसारी — कुर्ला भाभा अस्पताल में स्थिर हालत में हैं।
महापौर रितू तावडे ने मृतक परिवारों को ₹4 लाख और घायलों को ₹50,000 की तत्काल सहायता की घोषणा की।
बीएमसी, एनडीआरएफ, मुंबई अग्निशमन दल और पुलिस का संयुक्त बचाव अभियान जारी; संकरे रास्ते के कारण राहत कार्य में बाधा।

मुंबई के कुर्ला (पश्चिम) स्थित अशोक नगर, टेकड़ी क्रमांक 3 पर बुधवार, 12 अगस्त की तड़के हुए भूस्खलन में 6 लोगों की मौत की पुष्टि प्रशासन ने की है, जबकि 4 घायलों का उपचार कुर्ला भाभा अस्पताल में चल रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा चॉल के दो से तीन घरों पर आ गिरा, जिससे सोती हुई आबादी को संभलने का मौका भी नहीं मिला।

हादसे का घटनाक्रम

रात 3 बजे से 3:45 बजे IST के बीच, जब अधिकांश निवासी गहरी नींद में थे, मूसलाधार बारिश से भीगी पहाड़ी की मिट्टी और मलबा अचानक नीचे की ओर खिसक गया और चॉल के कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। यह ऐसे समय में हुआ जब मुंबई पहले से ही मानसून की अत्यधिक वर्षा से जूझ रही थी। सूचना मिलते ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), मुंबई अग्निशमन दल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), मुंबई पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवाएँ मौके पर पहुँचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।

मृतकों और घायलों की पहचान

राजावाड़ी अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शीतल राउत ने बताया कि अस्पताल लाए जाने पर निम्नलिखित छह लोगों को मृत घोषित किया गया: मोहम्मद समीर अंसारी (14 वर्ष), साहिल हुसैन अब्दुल काजी (19 वर्ष), एक अज्ञात व्यक्ति (लगभग 45 वर्ष), अबान आरिफ शेख (2 वर्ष), मन्नत आरिफ शेख (4 वर्ष) और मर्जिना आरिफ शेख (27 वर्ष)

कुर्ला भाभा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वर्मा ने बताया कि घायल सोहेल अंसारी (18 वर्ष), मोहम्मद अंसारी (14 वर्ष), नईमुद्दीन इकबाल खान (28 वर्ष) और साजिद अंसारी (16 वर्ष) का उपचार जारी है और सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।

महापौर की प्रतिक्रिया और राहत घोषणा

मुंबई की महापौर रितू तावडे ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वे घटनास्थल पर पहुँचीं और बचाव कार्यों का स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

महापौर ने घोषणा की कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि घायलों को ₹50,000 की चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि घटनास्थल तक पहुँचने का रास्ता अत्यंत संकरा होने के कारण बचाव दल को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं।

आम जनता पर असर और सुरक्षा चिंताएँ

गौरतलब है कि मुंबई में पहाड़ी ढलानों पर बसी अनधिकृत बस्तियाँ हर मानसून में भूस्खलन के खतरे से जूझती हैं। अशोक नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में चॉल-शैली के मकान विशेष रूप से असुरक्षित होते हैं। यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि शहरी विस्तार और जलवायु परिवर्तन के दोहरे दबाव में मुंबई की पहाड़ी बस्तियों के लिए खतरा लगातार बढ़ रहा है।

बचाव अभियान की स्थिति

बीएमसी के अधिकारियों, एनडीआरएफ की टीमों और मुंबई अग्निशमन दल के जवानों ने मिलकर मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। प्रशासन ने बताया कि बचाव कार्य पूरा होने तक स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है। आने वाले घंटों में मृतकों की संख्या में बदलाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार राहत-मुआवज़े की घोषणाएँ होती हैं। असली सवाल यह है कि ₹4 लाख की तत्काल सहायता और बचाव की तत्परता के बावजूद, इन बस्तियों के दीर्घकालिक पुनर्वास की योजना कहाँ है? बीएमसी के पास खतरनाक ढलानों का डेटा है, फिर भी निवारक कार्रवाई बारिश से पहले नहीं, बारिश के बाद होती है। जब तक शहरी नियोजन और जलवायु अनुकूलन को प्राथमिकता नहीं दी जाती, मुंबई हर मानसून में ऐसी सुर्खियाँ दोहराती रहेगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई के कुर्ला में भूस्खलन कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 12 अगस्त 2026 को तड़के 3 से 3:45 बजे के बीच कुर्ला (पश्चिम) के अशोक नगर, टेकड़ी क्रमांक 3 पर हुआ। लगातार भारी बारिश के कारण पहाड़ का एक हिस्सा चॉल के दो से तीन घरों पर आ गिरा।
भूस्खलन में कितने लोगों की मौत हुई और कौन-कौन हैं?
हादसे में 6 लोगों की मौत हुई — मोहम्मद समीर अंसारी (14), साहिल हुसैन अब्दुल काजी (19), एक अज्ञात व्यक्ति (लगभग 45), अबान आरिफ शेख (2), मन्नत आरिफ शेख (4) और मर्जिना आरिफ शेख (27)। सभी को राजावाड़ी अस्पताल में मृत घोषित किया गया।
घायलों को कितनी सहायता राशि मिलेगी?
महापौर रितू तावडे ने घोषणा की है कि मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता और घायलों को ₹50,000 की चिकित्सा सहायता दी जाएगी। यह सहायता बीएमसी की ओर से प्रदान की जाएगी।
बचाव अभियान में कौन-सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
बीएमसी के अधिकारी और कर्मचारी, मुंबई अग्निशमन दल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), मुंबई पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवाएँ मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं। घटनास्थल तक रास्ता संकरा होने के कारण राहत कार्य में कठिनाई आ रही है।
मुंबई में भूस्खलन का खतरा इतना अधिक क्यों है?
मुंबई की पहाड़ी ढलानों पर बड़ी संख्या में घनी अनधिकृत बस्तियाँ बसी हैं, जो मानसून की भारी बारिश में भूस्खलन के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होती हैं। चॉल-शैली के पुराने मकान और संकरी गलियाँ इस खतरे को और बढ़ा देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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