मुंबई के कुर्ला में हाइड्रोलिक क्रेन पलटी, 10 लोग घायल; दलदली ज़मीन बनी हादसे की वजह
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के कुर्ला इलाके के कुरैशी नगर में 21 अगस्त 2026 की देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब एमएमआरडीए (मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की एक इमारत तोड़ने के लिए लाई गई हाइड्रोलिक क्रेन दलदली ज़मीन के कारण पलट गई। इस हादसे में कम से कम 10 लोग घायल हो गए, जिनमें से 8 को सायन अस्पताल और 2 को कुर्ला भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 12:30 बजे क्रेन को रिहायशी इलाकों से होते हुए एमएमआरडीए की इमारत क्रमांक 1 के पास लाया गया था। क्रेन को तोड़फोड़ के काम के लिए खड़ा किया जा रहा था, लेकिन वास्तविक काम शुरू होने से पहले ही नरम और कीचड़ वाली ज़मीन के कारण क्रेन की स्थिरता प्रभावित हुई और वह एक तरफ झुककर पास के निर्माणाधीन ढाँचे की दिशा में गिर गई। एमएमआरडीए ने अपने आधिकारिक संदेश में स्वीकार किया कि 'घटनास्थल की ज़मीन नरम और कीचड़ वाली होने के कारण क्रेन की स्थिरता प्रभावित हुई।'
गिरती क्रेन रेलवे के हाई-टेंशन ओवरहेड तारों, पास की झुग्गियों, सम्राट अशोक नगर की सड़क, एक कंपाउंड वॉल और एमएचएडीए बिल्डिंग के परिसर में खड़ी तीन गाड़ियों पर जा गिरी। हादसे से 4-5 घरों को नुकसान पहुँचा है।
घायलों का हाल
घायलों में सादिक कुरैशी के जीजा और बहन भी शामिल हैं, जिन्हें कुर्ला भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सादिक ने बताया, 'मेरी बहन और जीजा की हालत गंभीर है। जब मैंने अपने जीजा को देखा, तो उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, खासकर उनकी आँखों के आसपास।' उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोस के चार लोग और पास के घर में शादी में आए बच्चे-बड़े भी चोटिल हुए हैं। सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति फ़िलहाल स्थिर बताई जा रही है।
स्थानीय निवासियों का आक्रोश
स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा इंतज़ामों की घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। एक निवासी ने कहा, 'उन्होंने सुरक्षा के इंतज़ामों का कोई ध्यान नहीं रखा। एक महीने पहले भी एक दीवार गिरी थी और एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। ठेकेदार हमारी बात नहीं सुनते।' गौरतलब है कि यह हादसा उसी क्षेत्र में हुआ है जहाँ पहले भी इसी तरह की दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं, जिससे निर्माण-स्थल सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं।
एमएमआरडीए की प्रतिक्रिया
एमएमआरडीए ने हादसे के बाद आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि 'घटनास्थल को सुरक्षित कर दिया गया है और सभी आवश्यक सावधानियाँ बरती जा रही हैं।' प्राधिकरण ने तत्काल आवश्यक मशीनरी और कर्मचारी घटनास्थल पर तैनात कर दिए हैं और गिरी हुई क्रेन को हटाने का काम प्राथमिकता से शुरू किया गया है। घायलों को एमएमआरडीए के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
ट्रेन सेवाओं पर असर नहीं
राहत की बात यह है कि क्रेन के हाई-टेंशन तारों के पास गिरने के बावजूद ट्रेन सेवाएँ बाधित नहीं हुईं, क्योंकि यह मुख्यतः मालगाड़ियों के लिए बनी लाइन है। अधिकारियों के अनुसार हादसे की विस्तृत जाँच की जाएगी और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े उपाय किए जाएँगे।