मंगलुरु MRPL रिफाइनरी में जोरदार विस्फोट और आग, 8 घायल; कोकर हाइड्रो ट्रीटिंग यूनिट प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) के फेज-3 प्लांट की कोकर हाइड्रो ट्रीटिंग यूनिट में बुधवार, 30 सितंबर 2026 को जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद भीषण आग भड़क उठी। मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने पुष्टि की कि इस घटना में 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई गई। आग पर बाद में काबू पा लिया गया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ विस्फोट
स्थानीय निवासियों के अनुसार, MRPL परिसर से अचानक एक तेज़ धमाके की आवाज़ सुनाई दी, जिसके बाद आग की ऊँची लपटें और घना काला धुआँ आसमान में फैल गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के आवासीय इलाकों में कंपन महसूस किया गया। जोकट्टे ग्राम पंचायत कार्यालय समेत समीपवर्ती घरों के दरवाज़े और खिड़कियाँ हिलने लगीं तथा कुछ स्थानों पर काँच के शीशे टूट गए।
घटना MRPL के फेज-3 प्लांट की कोकर हाइड्रो ट्रीटिंग यूनिट में हुई। धमाके के बाद बॉयलर सेक्शन में आग लग गई और पूरे क्षेत्र में धुएँ का घना गुबार छा गया। विस्फोट का सटीक कारण अभी तक अधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है।
घायलों की स्थिति
पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी के अनुसार, घटना में 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जबकि प्लांट के निकटवर्ती कार्यालय में मौजूद 6 अन्य कर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। मामूली चोट वाले सभी छह लोगों का ओपीडी में उपचार किया गया।
गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की पहचान राजेश बैपटिस्ट के रूप में हुई है, जो घटना के समय प्लांट के अंदर मौजूद थे। उनके शरीर का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा जलने से झुलस गया है। उन्हें श्रीनिवास अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार वह फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
राहत और बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही MRPL की फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के दस्ते तुरंत मौके पर पहुँचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहर से भी दमकल की गाड़ियाँ बुलाई गईं। संयुक्त प्रयासों से आग को अंततः नियंत्रित कर लिया गया। घायलों को तत्काल निकटवर्ती निजी अस्पताल ले जाया गया।
घटनास्थल पर पुलिस कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और कई वरिष्ठ अधिकारी भी पहुँचे। पुलिस कमिश्नर रेड्डी ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा, 'ज़्यादा चिंता की कोई बात नहीं है। हम स्थिति को संभाल लेंगे।'
स्थानीय समुदाय पर असर
विस्फोट के बाद MRPL परिसर से सटे जोकट्टे इलाके में भय का माहौल बन गया। धुएँ के घने बादलों को देखकर स्थानीय निवासी घबराहट में घरों से बाहर निकल आए। घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि MRPL कर्नाटक की सबसे महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन इकाइयों में से एक है और इस तरह की घटनाएँ आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों के लिए सुरक्षा संबंधी गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। विस्फोट के कारण और हुए नुकसान की विस्तृत जाँच जारी है और अधिकृत आँकड़े अभी सामने नहीं आए हैं।
आगे की जाँच
अधिकारियों ने अभी तक विस्फोट के कारण और संपत्ति को हुए नुकसान का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है। MRPL प्रबंधन और सरकारी जाँच एजेंसियों द्वारा घटना की तकनीकी जाँच किए जाने की संभावना है। आने वाले घंटों में नुकसान का पूरा आकलन और विस्फोट की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।