17 अक्टूबर 2026
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भरूच के सिंजिल फार्माकेम में रिएक्टर ब्लास्ट: 5 कर्मचारियों की मौत, 6 घायल

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भरूच के सिंजिल फार्माकेम में रिएक्टर ब्लास्ट: 5 कर्मचारियों की मौत, 6 घायल

सारांश

गुजरात के भरूच की नवगठित फार्मा कंपनी सिंजिल फार्माकेम में मध्यरात्रि हुए रिएक्टर विस्फोट ने 5 जिंदगियाँ लील लीं और 6 को घायल कर दिया। 15 किलोमीटर तक सुनाई दिए इस धमाके ने एक बार फिर देश के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

सिंजिल फार्माकेम , सायखा जीआईडीसी , भरूच में 17 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि रिएक्टर विस्फोट में 5 कर्मचारियों की मौत , 6 घायल ।
हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान फटा 15 किलोलीटर क्षमता का रिएक्टर; मलबा परिसर से बाहर तक गिरा।
विस्फोट के बाद मिथिलीन डाइक्लोराइड (एमडीसी) गैस का रिसाव; धमाके की आवाज़ 15 किलोमीटर तक सुनाई दी।
कंपनी को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था; 53 कर्मचारी कार्यरत थे।
गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग ने जाँच शुरू की।

गुजरात के भरूच जिले की सायखा जीआईडीसी स्थित सिंजिल फार्माकेम में 17 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि एक भीषण रिएक्टर विस्फोट में 5 कर्मचारियों की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हो गए। घायलों को निकटवर्ती निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि मृतकों के शव सिविल अस्पताल भेजे गए हैं।

हादसे का घटनाक्रम

शुक्रवार-शनिवार की मध्यरात्रि को कंपनी में हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान 15 किलोलीटर क्षमता वाला रिएक्टर अचानक फट गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि रिएक्टर का मलबा कंपनी परिसर की सीमा से बाहर तक जा गिरा। धमाके की आवाज़ आसपास के 15 किलोमीटर के दायरे में सुनाई दी।

विस्फोट के तुरंत बाद मिथिलीन डाइक्लोराइड (एमडीसी) गैस का रिसाव हुआ, जिससे धूल के गुबार के बीच मौजूद कर्मचारी गंभीर रूप से प्रभावित हुए। विस्फोट की तीव्रता के कारण आसपास के कुछ घरों की खिड़कियों और दरवाज़ों के शीशे टूट गए, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।

कंपनी की पृष्ठभूमि

वागरा तालुका की सायखा जीआईडीसी में स्थापित इस कंपनी को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था। कंपनी में कुल 53 कर्मचारी कार्यरत थे। मृतकों में कंपनी के नियमित कर्मचारी और ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी दोनों शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पूरी जीआईडीसी में हड़कंप मच गया।

राहत एवं जाँच कार्य

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और राहत व बचाव अभियान शुरू किया। गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग सहित संबंधित सरकारी एजेंसियों ने हादसे की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के कारणों और कंपनी की सुरक्षा प्रक्रियाओं की पड़ताल की जा रही है।

औद्योगिक हादसों का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में आया है जब देश के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले 30 सितंबर को कर्नाटक के मंगलुरु स्थित मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) में एक जोरदार धमाके के बाद आग लग गई थी, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनमें से एक, राजेश बैपटिस्ट, घटना के समय प्लांट के भीतर मौजूद थे और उनके शरीर का करीब 35 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था।

यह ऐसी Nवीं घटना है जो फार्मा और पेट्रोकेमिकल उद्योगों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की सख्ती से समीक्षा की माँग को रेखांकित करती है। नई कंपनियों में प्रशिक्षण और सुरक्षा ऑडिट की पर्याप्तता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

आगे की स्थिति

जाँच एजेंसियाँ यह निर्धारित करने में जुटी हैं कि क्या हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। एमडीसी गैस रिसाव के पर्यावरणीय प्रभाव के आकलन के लिए गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी टीम तैनात की है। मृतकों के परिजनों को मुआवज़े और घायलों के उपचार की व्यवस्था पर प्रशासन का ध्यान केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे हादसे केवल आँकड़ा बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरूच के सिंजिल फार्माकेम में क्या हुआ?
गुजरात के भरूच जिले की सायखा जीआईडीसी स्थित सिंजिल फार्माकेम में 17 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान 15 किलोलीटर क्षमता का रिएक्टर फट गया। इस विस्फोट में 5 कर्मचारियों की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हुए।
विस्फोट में कितने लोगों की मौत हुई और घायल कौन हैं?
विस्फोट में 5 कर्मचारियों की मौत हुई, जिनमें नियमित और ठेका कर्मचारी दोनों शामिल हैं। 6 घायल कर्मचारियों को निकटवर्ती निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सिंजिल फार्माकेम में विस्फोट का कारण क्या था?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान 15 किलोलीटर क्षमता का रिएक्टर फटा। विस्फोट के बाद मिथिलीन डाइक्लोराइड (एमडीसी) गैस का रिसाव हुआ। सटीक कारण की जाँच गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग कर रहे हैं।
क्या सिंजिल फार्माकेम नई कंपनी थी?
हाँ, वागरा तालुका की सायखा जीआईडीसी में स्थापित इस कंपनी को घटना के समय तक एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था। कंपनी में कुल 53 कर्मचारी कार्यरत थे।
हादसे के बाद जाँच की स्थिति क्या है?
पुलिस, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग ने जाँच शुरू कर दी है। एमडीसी गैस रिसाव के पर्यावरणीय प्रभाव के आकलन के लिए भी टीम तैनात की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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