तेलंगाना फार्मा यूनिट विस्फोट: नलगोंडा में रिएक्टर फटने से 1 मौत, 8 घायल
सारांश
Key Takeaways
तेलंगाना के नलगोंडा जिले की एक दवा फैक्ट्री में 1 मई 2026 (शुक्रवार) को रिएक्टर में विस्फोट होने से एक कर्मचारी की मौत हो गई और 8 मज़दूर घायल हो गए। यह हादसा चित्याल मंडल के वेलिमिनेडू गाँव के बाहरी इलाके में स्थित फार्मास्यूटिकल यूनिट में उस समय हुआ जब वहाँ काम पूरे ज़ोरों पर था।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, फार्मा यूनिट के तीसरे ब्लॉक में रिएक्टर फटने के बाद भीषण आग लग गई और पूरे ब्लॉक में घना धुआँ फैल गया। दमकल विभाग की गाड़ियाँ और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुँचे और आग पर काबू पाया। विस्फोट में घायल 9 मज़दूरों को तत्काल नारकेटपल्ली स्थित कामिनेनी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान एक मज़दूर ने दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान बोड्डू बालकृष्ण (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो नलगोंडा जिले के चिन्नकापार्थी गाँव का रहने वाला था। घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
एक महीने में दूसरी दुर्घटना
गौरतलब है कि यह इसी फार्मास्यूटिकल यूनिट में एक महीने से भी कम समय में दूसरी बड़ी दुर्घटना है। इससे पहले 9 अप्रैल को भी इसी यूनिट में इसी तरह के विस्फोट में दो मज़दूर घायल हो गए थे। बार-बार होने वाली इन दुर्घटनाओं ने यूनिट में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस महानिदेशक की प्रतिक्रिया
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने शुक्रवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि रासायनिक फैक्ट्रियों में होने वाली आपदाओं से निपटने के लिए अग्निशमन सेवा विभाग के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाओं में पहले पहुँचने वाले के रूप में पुलिस को अन्य विभागों के साथ उचित तालमेल बनाकर काम करना चाहिए।
आनंद ने यह भी बताया कि अग्निशमन विभाग में पहले से ही एक आपदा प्रबंधन इकाई गठित की जा चुकी है। इसके अलावा, हैदराबाद आपदा प्रबंधन और संपत्ति संरक्षण एजेंसी (हाइड्रा) और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
तेलंगाना में औद्योगिक हादसों का इतिहास
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना अपनी औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही सवालों के घेरे में है। पिछले साल 30 जून को संगारेड्डी जिले के पाशामैलाराम औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिगाची इंडस्ट्रीज के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में भीषण विस्फोट और आग में 54 मज़दूरों की मौत हो गई थी और 28 अन्य घायल हुए थे — यह तेलंगाना की अब तक की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटना थी। वह प्लांट माइक्रोक्रिस्टलाइन सेल्युलोज पाउडर बनाता था, जिसका उपयोग टैबलेट और कैप्सूल में बाइंडिंग एजेंट के रूप में होता है।
आगे क्या होगा
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जाँच कर रहे हैं। बार-बार हो रही इन दुर्घटनाओं के मद्देनज़र उम्मीद है कि अधिकारी इस फार्मा यूनिट के सुरक्षा प्रोटोकॉल की विस्तृत समीक्षा करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।