मोजतबा खामेनेई की हालत गंभीर, इजरायली मीडिया का दावा — किसी भी वक्त आ सकती है मौत की खबर
सारांश
मुख्य बातें
इजरायली मीडिया आउटलेट चैनल 14 ने 8 अगस्त 2026 को दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की शारीरिक स्थिति अत्यंत गंभीर है और किसी भी क्षण उनकी मृत्यु की सूचना सामने आ सकती है। सुप्रीम लीडर नियुक्त होने के बाद से मोजतबा को किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या स्थल पर नहीं देखा गया है, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अटकलों का दौर जारी है।
पृष्ठभूमि: कैसे बने मोजतबा सुप्रीम लीडर
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। उसी हमले में उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई के घायल होने की भी खबरें आई थीं, जिसके बाद उन्हें ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, उस हमले में मोजतबा का चेहरा भी क्षतिग्रस्त हुआ था।
चैनल 14 के दावे और सूत्रों का आधार
चैनल 14 ने ईरान के भीतर के दो स्वतंत्र सूत्रों का हवाला देते हुए यह रिपोर्ट प्रकाशित की है। इनमें से एक सूत्र राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की कैबिनेट के करीबी बताए जाते हैं। सूत्र के हवाले से कहा गया, 'अगर हमें जल्द ही उनकी शहादत की खबर मिले तो हमें हैरानी नहीं होगी।' रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मोजतबा 28 फरवरी 2026 के हमले के बाद से किसी भी कैबिनेट सदस्य से नहीं मिले हैं और उनकी स्थिति की जानकारी केवल ईरान की वरिष्ठ नेतृत्व को है।
डिजिटल निगरानी से बचने की कोशिश
इजरायली मीडिया ने द टाइम्स ऑफ लंदन की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसके अनुसार लगभग 150 दिनों से मोजतबा खामेनेई ने फोन, लैपटॉप, रेडियो या किसी भी डिजिटल सिग्नल उत्सर्जित करने वाले उपकरण को हाथ नहीं लगाया है। माना जा रहा है कि वह किसी भूमिगत ठिकाने पर हैं और उन्हें आशंका है कि अमेरिकी जासूसी उपग्रह उनकी पहचान कर सकते हैं।
खुफिया एजेंसियों की रणनीति और आगे की चुनौती
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) और इजरायली खुफिया इकाई यूनिट 8200 के समन्वय से तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर अली खामेनेई की लोकेशन का पता लगाया गया था। अब मोजतबा की तलाश में तकनीकी निगरानी की जगह ह्यूमन इंटेलिजेंस — यानी जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्रोतों — पर निर्भरता बढ़ गई है। खुफिया समुदाय के कुछ विश्लेषकों का कथित तौर पर मानना है कि मोजतबा शायद पहले ही मर चुके हैं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) उनके जीवित होने का नाटक कर रहा है। यदि मोसाद और CIA उनकी लोकेशन का पता लगाने में सफल होते हैं, तो यह मामला सैन्य से राजनीतिक क्षेत्र में चला जाएगा और निर्णय रणनीतिक स्तर पर लिया जाएगा।
ईरान सरकार ने अब तक मोजतबा की सेहत पर उठाए गए सभी सवालों को गलत बताया है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।