ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति पर इजरायली मीडिया का बड़ा खुलासा
सारांश
Key Takeaways
- मोजतबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है।
- वे कोमा में हैं और इलाज चल रहा है।
- इजरायल के मीडिया का दावा है कि वे सरकारी निर्णयों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
- 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे।
- इस स्थिति का ईरानी राजनीति पर गहरा असर हो सकता है।
तेल अवीव, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर इजरायली मीडिया ने एक महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि मोजतबा अमेरिकी और इजरायली सेना की कार्रवाई में घायल हुए हैं, और उनकी सेहत में सुधार नहीं हो रहा।
अब, द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, एक इंटेलिजेंस आकलन में बताया गया है कि मोजतबा खामेनेई बेहोश हैं और कोम शहर में गंभीर चिकित्सा उपचार चल रहा है।
इजरायली मीडिया ने कहा है कि अमेरिका-इजरायल इंटेलिजेंस पर आधारित और अपने खाड़ी सहयोगियों के साथ साझा किए गए एक डिप्लोमैटिक मेमो में उल्लेख किया गया है, "मोजतबा खामेनेई की कोम में गंभीर हालत है; वह सरकारी निर्णयों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।"
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले की शुरुआत की थी, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई प्रमुख नेता मारे गए। इसके बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया। यह पहली बार है जब खामेनेई की स्थिति के बारे में कोई रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। माना जाता है कि वह 28 फरवरी को हुए हमलों में घायल हुए थे।
इजरायली मीडिया ने यह भी बताया कि इस दस्तावेज में उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को शुरुआती हमलों में मारे जाने के बाद कोम में दफनाने की तैयारियों का उल्लेख किया गया है।
इजरायली मीडिया की इस रिपोर्ट से पहले, आईआरजीसी के एक वरिष्ठ जनरल की मौत पर मोजतबा खामेनेई का बयान जारी हुआ था। ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा कि ईरानी नेतृत्व के खिलाफ हत्याएं और अपराध देश की प्रगति को नहीं रोक पाएंगे। उस वरिष्ठ जनरल को सोमवार को तेहरान में इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमले में मारा गया था।
मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरान के खुफिया संगठन (आईआरजीसी) के प्रमुख माजिद खादेमी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा, "शहीद मेजर जनरल सैय्यद मजीद खादेमी, जो देश की सुरक्षा, खुफिया और रक्षा के क्षेत्र में दशकों से खुदा की राह पर बिना थके संघर्ष कर रहे थे, उन्हें शहादत का आशीर्वाद मिला है। ईमानदारों में ऐसे लोग भी हैं जो अल्लाह से किए वादे के पक्के रहे हैं। उनमें से कुछ ने अपनी जान देकर अपना वादा पूरा किया है और कुछ अभी भी इंतजार कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि मैं इस कमांडर की शहादत पर संवेदना व्यक्त करता हूं, साथ ही उनके सम्मानित परिवार और आईआरजीसी इंटेलिजेंस संगठन में उनके साथियों को नमन करता हूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें परलोक में ऊंचा स्थान प्राप्त हो।