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अमेरिका-ईरान के बीच तनाव: पाकिस्तान की मध्यस्थता और आर्थिक संकट की कहानी

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अमेरिका-ईरान के बीच तनाव: पाकिस्तान की मध्यस्थता और आर्थिक संकट की कहानी

सारांश

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयास कर रहा है। इस बीच, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आर्थिक मदद के लिए खाड़ी देशों की यात्रा पर हैं। क्या पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था बचा पाएगा?

मुख्य बातें

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने का प्रयास कर रहा है।
आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान खाड़ी देशों से मदद की तलाश में है।
ईरान से तेल खरीदने में पाकिस्तान को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने मध्यस्थता का प्रयास तेज कर दिया है। पहली वार्ता असफल होने के बाद, पाकिस्तान की घबराहट स्पष्ट है। पाकिस्तान के चीफ मार्शल असीम मुनीर अगली वार्ता के सिलसिले में ईरान पहुंच चुके हैं। वहीं, आर्थिक सहायता के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब, कतर और तुर्की की यात्रा पर हैं।

पाकिस्तान की चिंता के कई कारण हैं। वह ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बनकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को सुधारने के साथ-साथ आर्थिक सहायता की भी उम्मीद कर रहा है।

अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण पाकिस्तान के लिए ईरान से तेल खरीदना मुश्किल हो गया है। यदि पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त करने में सफल होता है तो संभव है कि अमेरिका उसे कुछ राहत दे सके और वह ईरान से सस्ते दामों पर तेल खरीद सके।

पाकिस्तान आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, और अप्रैल के अंत तक उसे संयुक्त अरब अमीरात से लिया गया 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है। इसलिए, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तीन देशों की यात्रा पर गए हैं ताकि आर्थिक सहायता मिल सके।

पाकिस्तान को अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए खाड़ी देशों की सहायता की आवश्यकता है। होर्मुज संकट के चलते, यदि ईरान और अमेरिका के बीच स्थिति बिगड़ती है, तो पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति पर बुरा असर पड़ेगा।

शहबाज शरीफ के इस दौरे से अरबों डॉलर की सहायता मिलने की संभावना है। एक तरफ, पाकिस्तान ईरान के साथ वार्ता कर रहा है, दूसरी तरफ वह खाड़ी देशों से मदद की याचना कर रहा है।

28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने पश्चिम एशिया में इजरायल और अमेरिका की संपत्तियों को निशाना बनाया। यदि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता विफल होती है, तो पाकिस्तान की दोहरी नीति समस्या बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान क्यों अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है?
पाकिस्तान मध्यस्थता कर अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने और आर्थिक राहत प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है।
शहबाज शरीफ किन देशों की यात्रा पर हैं?
वे सऊदी अरब, कतर और तुर्की की यात्रा पर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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