कोरिया मास्टर्स सुपर 300: अश्मिता चालिहा फाइनल में, रक्षिता रामराज को तीन गेम में हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारत की अश्मिता चालिहा ने कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स फाइनल में प्रवेश कर लिया है। 8 अगस्त को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने हमवतन रक्षिता रामराज को 21-13, 16-21, 21-13 के स्कोर से शिकस्त दी। यह BWF वर्ल्ड टूर सुपर 300 श्रृंखला का एक अहम इवेंट है, जिसका कुल पुरस्कार कोष $2,50,000 अमेरिकी डॉलर है।
सेमीफाइनल का रोमांचक घटनाक्रम
दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच यह मुकाबला शुरू से ही रोमांच से भरा रहा। पहले गेम में अश्मिता ने अपनी आक्रामक शैली से रक्षिता को संभलने का मौका नहीं दिया और 21-13 से गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में रक्षिता ने जबरदस्त वापसी करते हुए 21-16 से जीत दर्ज की और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
निर्णायक तीसरे गेम में अश्मिता ने फिर से अपनी लय हासिल की और रक्षिता को कोई मौका दिए बिना 21-13 से गेम जीतकर फाइनल का टिकट पक्का किया। फाइनल में अश्मिता का सामना चीन की हान कियानक्सी से होगा।
क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल का सफर
अश्मिता ने शुक्रवार को क्वार्टरफाइनल में जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हिना अकेची को 20-22, 21-15, 21-19 के कड़े मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। वहीं रक्षिता रामराज ने चीनी ताइपे ओपन चैंपियन तन्वी शर्मा को 18-21, 21-19, 21-18 से पराजित कर अंतिम चार में प्रवेश किया था।
पुरुष डबल्स में भारत का सफर समाप्त
पुरुष डबल्स में भारत की जोड़ी पृथ्वी के. रॉय और कृष्णा प्रसाद जी क्वार्टरफाइनल में मलेशिया के मैन वेई चोंग और सोह वूई यिक से 21-7, 21-8 के एकतरफा स्कोर से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
कोरिया मास्टर्स का इतिहास
यह टूर्नामेंट 2007 में शुरू हुआ था और 2010 तक इंटरनेशनल चैलेंज-लेवल इवेंट के रूप में आयोजित होता रहा। 2011 में इसे BWF ग्रां प्री गोल्ड इवेंट का दर्जा मिला और 2017 में ग्रां प्री गोल्ड श्रृंखला बंद होने के बाद यह BWF वर्ल्ड टूर सुपर 300 का हिस्सा बन गया। टूर्नामेंट का फाइनल रविवार को खेला जाएगा।
अश्मिता की यह उपलब्धि भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए उत्साहजनक संकेत है, और फाइनल में उनका प्रदर्शन आगे के अंतरराष्ट्रीय सीजन पर असर डाल सकता है।