मकाऊ ओपन सेमीफाइनल: अस्मिता चालिहा पार्क गा यून से हारीं, 38 मिनट में भारत का सफर खत्म
सारांश
मुख्य बातें
बैडमिंटन के मकाऊ ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट में 20 जून को भारत की चुनौती समाप्त हो गई, जब विमेंस सिंगल्स सेमीफाइनल में अस्मिता चालिहा को साउथ कोरिया की पार्क गा यून ने सीधे गेम में 21-17, 21-19 से पराजित किया। यह मुकाबला महज 38 मिनट में समाप्त हो गया, और भारत का इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खिताबी सपना टूट गया।
मैच का घटनाक्रम
पहले गेम में अस्मिता ने आक्रामक शुरुआत करते हुए 15-11 की बढ़त हासिल कर ली थी और जीत के करीब नजर आ रही थीं। लेकिन कोरियाई शटलर पार्क ने जबरदस्त वापसी की और अगले 11 में से 10 अंक अपने नाम कर गेम अपनी झोली में डाल लिया। दूसरे गेम में अस्मिता लय पकड़ने के लिए संघर्ष करती रहीं, जबकि पार्क ने अपना दबदबा बरकरार रखते हुए मैच जीत लिया।
क्वार्टर फाइनल में चालिहा का शानदार प्रदर्शन
सेमीफाइनल से पहले 26 वर्षीय अस्मिता ने क्वार्टर फाइनल में कोरियाई खिलाड़ी किम मिन सन को 21-16, 21-18 से हराकर अंतिम-चार में जगह बनाई थी। उस मैच के दूसरे गेम में छह अंकों से पिछड़ने के बावजूद उन्होंने लगातार पाँच अंक जीतकर शानदार वापसी की थी, जो उनके मानसिक दृढ़ता का प्रमाण था।
चोट से वापसी और बढ़ती निरंतरता
गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में चोट के कारण अस्मिता लगभग तीन महीने तक कोर्ट से दूर रहीं। मकाऊ से पहले वह चाइना मास्टर्स और मलेशिया मास्टर्स दोनों में क्वार्टर फाइनल तक पहुँची थीं, जो बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर पर उनकी लय और निरंतरता को दर्शाता है। सेमीफाइनल तक की यह पहुँच उनकी वापसी की यात्रा में एक सकारात्मक कदम मानी जा सकती है।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
विमेंस सिंगल्स में शुक्रवार को आठवीं वरीयता प्राप्त अनमोल खरब (उम्र 19 वर्ष) क्वार्टर फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी से 14-21, 21-15, 21-13 से हारकर बाहर हो गई थीं। मेंस सिंगल्स में क्वालीफायर थारुन मन्नेपल्ली और रौनक चौहान प्री-क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ सके। भारत के डबल्स जोड़े भी इसी दौर में प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
आगे क्या
मकाऊ ओपन के बाद भारतीय शटलरों की निगाहें अब यूएस ओपन पर टिकी हैं, जो बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर कैलेंडर का अगला टूर्नामेंट है और 23 जून से शुरू होगा। अस्मिता की इस टूर्नामेंट में सेमीफाइनल तक की पहुँच उन्हें यूएस ओपन के लिए अच्छे मनोबल के साथ जाने का मौका देती है।