अश्मिता चालिहा क्वार्टर फाइनल में हारीं, मलेशिया मास्टर्स 2025 से भारत बाहर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा का मलेशिया मास्टर्स 2025 में अभियान शुक्रवार, 22 मई को महिला सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया, जब उन्हें कुआलालंपुर में डेनमार्क की पूर्व यूरोपियन गेम्स चैंपियन लाइन केयर्सफेल्ड के हाथों 23-21, 18-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। अश्मिता के बाहर होते ही BWF सुपर 500 टूर्नामेंट में भारत की समग्र चुनौती भी समाप्त हो गई।
मैच का घटनाक्रम
विश्व रैंकिंग में 71वें स्थान पर काबिज अश्मिता ने पहले गेम में दमदार प्रदर्शन किया। शुरुआत में 11-6 की बढ़त बनाने के बाद उन्होंने 23वीं रैंक वाली केयर्सफेल्ड की जोरदार वापसी को रोका और पहला गेम 23-21 से अपने नाम किया। 61 मिनट तक चले इस मुकाबले में केयर्सफेल्ड ने 17-17 की बराबरी के बाद भी अश्मिता को पहला गेम नहीं जीतने दिया, लेकिन भारतीय शटलर ने अंतिम क्षणों में संयम दिखाया।
दूसरे गेम में अश्मिता ने 10-5 की बढ़त बनाकर लगातार दूसरा गेम जीतने की ओर कदम बढ़ाए। हालांकि, केयर्सफेल्ड ने ब्रेक तक स्कोर 11-10 कर दिया और दोबारा शुरुआत होते ही 13-13 से बराबरी कर ली। डेनिश खिलाड़ी ने इसके बाद लगातार चार अंक लेकर 18-15 की बढ़त बनाई और गेम 21-18 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींच लिया।
तीसरे और निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ी 4-4 की बराबरी पर थीं, लेकिन इसके बाद केयर्सफेल्ड ने मैच पर पूरा नियंत्रण कर लिया और 13-6 की बड़ी बढ़त बना ली। अश्मिता संभल नहीं पाईं और डेनिश शटलर ने निर्णायक सेट 21-11 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
बाकी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
अश्मिता से पहले ही टूर्नामेंट में भारत के अन्य खिलाड़ी बाहर हो चुके थे। मालविका बंसोड़ दूसरे राउंड में केयर्सफेल्ड से हार के बाद बाहर हुईं, जबकि देविका सिहाग महिला सिंगल्स के दूसरे राउंड में टॉप सीड और पूर्व ओलंपिक चैंपियन चेन यूफेई (चीन) से 21-16, 21-13 से हारकर विदा हो गईं।
पुरुष डबल्स में एमआर अर्जुन और हरिहरन अम्साकारुनन की जोड़ी को चीन के हू केयुआन और लिन जियांगयी के खिलाफ 14-21, 15-21 से हार झेलनी पड़ी। मिक्स्ड डबल्स में सात्विक रेड्डी कनापुरम और राधिका शर्मा की जोड़ी अमेरिका के प्रेस्ली स्मिथ और जेनी गाई से 12-21, 25-27 से हारकर बाहर हुई।
पुरुष सिंगल्स में भारत का अभियान तो बुधवार को ही समाप्त हो गया था, जब लक्ष्य सेन और एचएस प्रणय पहले राउंड में ही बाहर हो गए थे।
भारत के लिए क्या रहा सबक
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन विश्व स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत करने की कोशिश में है। अश्मिता का पहला गेम जीतकर भी मैच गँवाना दर्शाता है कि शीर्ष-25 खिलाड़ियों के खिलाफ तीन-गेम मुकाबलों में शारीरिक और मानसिक स्थिरता अभी भी एक चुनौती है। BWF सुपर 500 सर्किट पर भारत का प्रदर्शन आगामी टूर्नामेंटों में सुधार की माँग करता है।