अश्मिता चालिहा ने गोह जिन वेई को 21-13, 21-16 से हराया, मलेशिया मास्टर्स 2026 क्वार्टर फाइनल में एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
अश्मिता चालिहा ने 21 मई 2026 को कुआलालंपुर के स्टेडियम एक्सियाटा एरिना में मलेशिया की गोह जिन वेई को 21-13, 21-16 से पराजित कर मलेशिया मास्टर्स 2026 के विमेंस सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। मात्र 27 मिनट में पूरे हुए इस मुकाबले में भारतीय शटलर ने वर्ल्ड नंबर 55 की प्रतिद्वंद्वी को कहीं से भी टिकने का अवसर नहीं दिया।
मैच का घटनाक्रम
पहले गेम में अश्मिता ने शुरुआत से ही आक्रामक बैडमिंटन खेलते हुए 21-13 से निर्णायक बढ़त हासिल की। दूसरे गेम में गोह जिन वेई ने वापसी का प्रयास किया, लेकिन अश्मिता ने अपनी लय बनाए रखी और 21-16 से गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। यह जीत अश्मिता के करियर की सबसे सधी हुई जीतों में से एक मानी जा रही है।
करियर की तीसरी सुपर 500 क्वार्टर फाइनल उपलब्धि
इस जीत के साथ अश्मिता चालिहा अपने करियर में तीसरी बार किसी BWF सुपर 500 इवेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुँची हैं — जो उनके बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कद का प्रमाण है। अगले दौर में उनका सामना डेनमार्क की 8वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी लाइन होजमार्के जर्सफेल्ट से होगा, जो इस टूर्नामेंट में दो भारतीय शटलरों — अनमोल खरब और मालविका बंसोड़ — को हराकर यहाँ तक पहुँची हैं।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
मालविका बंसोड़ (वर्ल्ड नंबर 51) गुरुवार को विमेंस सिंगल्स के दूसरे दौर में डेनमार्क की पूर्व यूरोपियन गेम्स चैंपियन और 8वीं वरीयता प्राप्त जर्सफेल्ट (वर्ल्ड नंबर 23) से 16-21, 21-8, 21-15 से हारकर बाहर हो गईं। उल्लेखनीय है कि मालविका ने पहला गेम जीता था, लेकिन ओलंपियन जर्सफेल्ट ने मैच पलट दिया — मालविका के खिलाफ तीन मुकाबलों में यह उनकी दूसरी जीत रही।
देविका सिहाग भी विमेंस सिंगल्स के दूसरे दौर में शीर्ष वरीयता प्राप्त और पूर्व ओलंपिक चैंपियन चीन की चेन युफेई से 21-16, 21-13 से पराजित होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
डबल्स में भी भारत का अभियान समाप्त
मेंस डबल्स में भारत की एकमात्र जोड़ी एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसकारुनन को चीन के हू केयुआन और लिन जियांगयी ने 14-21, 15-21 से हराया। मिक्स्ड डबल्स में सात्विक रेड्डी कनापुरम और राधिका शर्मा की जोड़ी अमेरिका के प्रेस्ली स्मिथ और जेनी गाई से 12-21, 25-27 से हार गई।
आगे क्या
अब मलेशिया मास्टर्स 2026 में भारत की एकमात्र उम्मीद अश्मिता चालिहा हैं। क्वार्टर फाइनल में जर्सफेल्ट के खिलाफ यह मुकाबला कड़ा होगा, क्योंकि डेनिश शटलर इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हैं। यदि अश्मिता यह बाधा पार कर लेती हैं, तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी।