एशियन गेम्स 2026: जापान ने 3-1 से हराया, भारतीय महिला बैडमिंटन टीम क्वार्टर फाइनल में बाहर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला बैडमिंटन टीम का एशियन गेम्स 2026 में मेडल का सपना 22 सितंबर को इचिनोमिया सिटी में उस वक्त चकनाचूर हो गया, जब जापान ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्हें 3-1 से पराजित कर दिया। सिंगल्स में लगातार तीन हार ने टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जबकि डबल्स जोड़ी ने अपना दम दिखाते हुए भारत का एकमात्र पॉइंट बचाया।
मुख्य घटनाक्रम
मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए निराशाजनक रही। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु को पहले सिंगल्स में दुनिया की नंबर 3 खिलाड़ी अकाने यामागुची के सामने 23-21, 18-21, 6-21 से हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में तीसरे गेम में सिंधु एकतरफा तरीके से पिछड़ गईं।
दूसरे सिंगल्स में उन्नति हुड्डा भी 2022 की वर्ल्ड जूनियर चैंपियन और मौजूदा विश्व नंबर 7 खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान ने बढ़त 2-0 कर ली।
त्रिशा-गायत्री की चमक
लड़खड़ाते भारत को त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने सहारा दिया। इस डबल्स जोड़ी ने जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से मात देकर स्कोर 1-2 किया और भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा।
निर्णायक हार
चौथे और निर्णायक सिंगल्स मुकाबले में तन्वी शर्मा पूर्व विश्व चैंपियन नोज़ोमी ओकुहारा के सामने टिक नहीं सकीं और उन्हें 12-21, 10-21 के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ जापान ने मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया और भारत टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि एशियन गेम्स में भारतीय महिला बैडमिंटन टीम ने अब तक केवल एक बार पदक जीता है — 2014 में ब्रॉन्ज मेडल। पिछले एशियन गेम्स में भी टीम क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ सकी थी, जब उसे थाईलैंड ने 3-0 से हराया था। इस बार टूर्नामेंट की शुरुआत उत्साहजनक रही थी — कजाकिस्तान को 3-0 से हराकर अभियान शुरू किया गया था।
आगे क्या
भारतीय महिला टीम के लिए यह हार इस बात का संकेत है कि एशिया के शीर्ष देशों — जापान, चीन और दक्षिण कोरिया — से मुकाबले के लिए सिंगल्स विभाग को और मज़बूत करना होगा। पीवी सिंधु जैसी अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी के बावजूद टीम तीन सिंगल्स मुकाबले नहीं जीत पाई, जो आगामी चयन और ट्रेनिंग रणनीति के लिए अहम सवाल खड़े करती है।