एशियन गेम्स 2026: सिंधु ने जापानी शटलर को 21-9, 21-13 से रौंदा, क्वार्टर फाइनल में धमाकेदार एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
पीवी सिंधु ने 26 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 के विमेंस सिंगल्स 'राउंड ऑफ 16' में जापान की टोमोका मियाजाकी को 21-9, 21-13 के स्कोर से सीधे गेम में पराजित करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत की स्टार शटलर ने शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा।
मुख्य घटनाक्रम
सिंधु ने पहले गेम में जापानी शटलर को कोई मौका नहीं दिया। अपने अनुभव और कोर्ट पर बेहतरीन मूवमेंट का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने जल्दी ही 13-7 की बढ़त हासिल की और फिर 21-9 से गेम अपने नाम कर लिया। मियाजाकी पर शुरुआत से ही दबाव साफ़ नज़र आ रहा था।
दूसरे गेम में मियाजाकी ने लंबी रैलियों के ज़रिए वापसी का प्रयास किया, लेकिन सिंधु अपने आक्रामक खेल से लगातार पॉइंट्स बटोरती रहीं। इंटरवल तक 11-6 से आगे रहने वाली सिंधु ने साइड बदलने के बाद भी रैलियों पर पकड़ बनाए रखी। स्कोर 17-11 होने के बाद उन्होंने 21-13 से गेम जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश सुनिश्चित किया।
पहले भी दर्ज की जीत — एक ही दिन में दो मुकाबले
गौरतलब है कि सिंधु ने उसी दिन यानी शनिवार 26 सितंबर को दूसरे राउंड में भी मैदान में उतरकर चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियन को 21-19, 21-14 से मात दी थी। पिन-चियन के खिलाफ पहला गेम कड़ा रहा — इंटरवल तक सिंधु 10-11 से पीछे थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की, दो गेम पॉइंट्स बचाए और तीसरे मौके पर गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में वह पूरी तरह मैच में जम गईं और 11-7 की इंटरवल बढ़त के साथ आगे बढ़ते हुए जीत दर्ज की।
सिंधु का एशियन गेम्स सफ़र और पिछला रिकॉर्ड
दो बार एशियन गेम्स में मेडल जीत चुकीं और ओलंपिक में दो पदक हासिल करने वाली सिंधु पिछले एशियन गेम्स में विमेंस सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में ही बाहर हो गई थीं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन की निगाहें एक और बड़े अंतरराष्ट्रीय पदक पर टिकी हैं। सिंधु के लिए यह टूर्नामेंट पिछली निराशा को पीछे छोड़ने का अवसर है।
क्या होगा आगे
क्वार्टर फाइनल में पीवी सिंधु का सामना किससे होगा, यह ड्रॉ पर निर्भर करेगा। एशियन गेम्स में तीसरा मेडल जीतने की उम्मीद में सिंधु का प्रदर्शन जारी है और उनकी फ़िटनेस व खेल की लय दोनों शीर्ष पर दिख रहे हैं। भारतीय प्रशंसकों और बैडमिंटन विशेषज्ञों की नज़रें अब क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर होंगी।