एशियन गेम्स 2026: पीवी सिंधु क्वार्टर-फाइनल में चेन यू फेई से हारीं, बैडमिंटन में भारत का अभियान खत्म
सारांश
मुख्य बातें
पीवी सिंधु का आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में सफर 27 सितंबर को क्वार्टर-फाइनल में समाप्त हो गया, जब टोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता चेन यू फेई ने उन्हें 11-21, 21-18, 21-10 से पराजित किया। सिंधु की इस हार के साथ ही इचिनोमिया में भारत की बैडमिंटन चुनौती पूरी तरह समाप्त हो गई — एकल, डबल्स और मिक्स्ड डबल्स — किसी भी वर्ग में कोई पदक नहीं।
मैच का घटनाक्रम
सिंधु ने पहला गेम 21-11 से दबदबे के साथ जीतकर शानदार शुरुआत की। दूसरा गेम बेहद प्रतिस्पर्धी रहा — सिंधु ब्रेक तक 11-10 से आगे थीं, गेम 16-16 पर बराबर हुआ और उन्होंने एक शक्तिशाली स्मैश से 17-16 की बढ़त बनाई। लेकिन चेन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-18 से जीत लिया।
निर्णायक तीसरे गेम में ब्रेक तक चेन 11-7 से आगे थीं। दूसरा गेम गँवाने का मानसिक दबाव स्पष्ट था और सिंधु संभल नहीं पाईं। चेन ने तीसरा गेम 21-10 से जीतकर मैच 2-1 से अपने नाम किया।
गौरतलब है कि यह सिंधु का 24 घंटे से कम समय में तीसरा मैच था, जिसने उनकी थकान को स्पष्ट रूप से प्रभावित किया।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
महिला एकल में उन्नति तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से 16-21, 21-14, 17-21 से हारकर बाहर हो गईं।
महिला डबल्स में विश्व चैंपियनशिप की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट जोड़ी ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को विश्व रैंकिंग में पाँचवें स्थान की मलेशियाई जोड़ी थिनाह मुरलीधरन और पर्ली टैन ने 18-21, 8-21 से मात दी।
मिक्स्ड डबल्स में तनिशा क्रैस्टो और ध्रुव कपिला की जोड़ी विश्व की नंबर 1 चीनी जोड़ी यान जे फेंग और डोंगपिंग हुआंग से 14-21, 21-18, 18-21 से हारकर बाहर हो गई।
भारत का समग्र बैडमिंटन प्रदर्शन
इस महाद्वीपीय स्पर्धा में भारतीय बैडमिंटन दल के खाते में केवल पुरुष टीम इवेंट का एक ब्रॉन्ज मेडल आया। एकल, महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स — किसी भी वर्ग में पदक नहीं आया। यह भारतीय बैडमिंटन के लिए एक निराशाजनक अभियान रहा, विशेषकर तब जब टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधु से बड़ी उम्मीदें थीं।
आगे की राह
सिंधु और अन्य भारतीय शटलरों का ध्यान अब घरेलू सर्किट और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारी पर होगा। एशियन गेम्स में यह प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन महासंघ के लिए युवा प्रतिभाओं के विकास और अनुभवी खिलाड़ियों के लोड मैनेजमेंट पर पुनर्विचार का संकेत दे सकता है।