एशियन गेम्स 2026: पीवी सिंधु राउंड ऑफ 16 में, चिउ पिन-चियन को 21-19, 21-14 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में महिला सिंगल्स के दूसरे राउंड में चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियन को 21-19, 21-14 से हराकर एशियन गेम्स 2026 के राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली। एशियन गेम्स में दो पदक जीत चुकीं सिंधु का यह मैच आत्मविश्वास की वापसी की कहानी रहा।
पहले गेम में पिछड़कर की वापसी
पहले गेम में ब्रेक के समय सिंधु 10-11 से पीछे थीं, लेकिन उन्होंने लय पकड़कर बढ़त बना ली। हालाँकि पहले गेम में उनके दो गेम प्वाइंट हाथ से निकल गए, मगर तीसरे अवसर पर उन्होंने पहला गेम 21-19 से जीतकर 1-0 की बढ़त हासिल की।
दूसरे गेम में दिखाया दबदबा
दूसरे गेम में सिंधु पूरी तरह नियंत्रण में नज़र आईं। उन्होंने ब्रेक तक 11-7 की मज़बूत बढ़त बनाई और फिर उसे बनाए रखते हुए गेम 21-14 से जीत लिया। मैच का कुल नतीजा 21-19, 21-14 रहा और सिंधु ने आसान जीत के साथ अगले दौर में प्रवेश किया।
अगला मुकाबला जापान की मियाजाकी से
सिंधु अब राउंड ऑफ 16 में जापान की टोमोका मियाजाकी से भिड़ेंगी। यह मैच शनिवार को ही खेला जाना था। गौरतलब है कि इससे पहले महिला टीम ईवेंट के क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम को जापान से हार झेलनी पड़ी थी, जिस टीम में सिंधु भी शामिल थीं।
हांग्जो की निराशा से उबरने की कोशिश
हांग्जो एशियन गेम्स 2023 में सिंधु महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई थीं और खाली हाथ लौटी थीं। 2026 में वह उस निराशा को पीछे छोड़ने और पदक की दौड़ में बने रहने के इरादे से उतरी हैं। यह एशियन गेम्स उनके करियर का एक अहम पड़ाव है।
अन्य भारतीय शटलरों का प्रदर्शन
उन्नति हुड्डा ने दूसरे राउंड में मलेशिया की वोंग लिंग चिंग को 21-14, 20-22, 21-9 के कड़े मुकाबले में हराया। वह राउंड ऑफ 16 में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दानी से भिड़ेंगी। आयुष शेट्टी ने कजाकिस्तान के मखसुत ताजीबुल्लायेव को 21-7, 21-7 से आसानी से हराया और उनका अगला सामना चीनी ताइपे के चाउ टिएन चेन से होगा, जो एक कठिन मुकाबला माना जा रहा है। वहीं लक्ष्य सेन पुरुष सिंगल्स के दूसरे राउंड में सिंगापुर के लोह कीन यू से 12-21, 21-15, 14-21 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
भारत के शेष शटलरों के प्रदर्शन पर अब सभी की नज़रें टिकी हैं, और सिंधु की जीत देश के बैडमिंटन प्रशंसकों में उम्मीद की नई लहर लेकर आई है।