सिंगापुर ओपन 2026: पीवी सिंधु ने वर्दानी को 21-17, 21-18 से हराया, सात्विक-चिराग भी अगले दौर में
सारांश
मुख्य बातें
सिंगापुर ओपन 2026 में मंगलवार, 26 मई को भारत के लिए दोहरी खुशखबरी आई — दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने महिला एकल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दानी को सीधे गेम में 21-17, 21-18 से परास्त किया, जबकि पुरुष युगल की विश्व रैंकिंग-4 जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने रोमांचक तीन-गेम मुकाबले में 26-28, 21-15, 21-13 से जीत दर्ज की। दोनों भारतीय अभियान अब प्री-क्वार्टर फाइनल चरण में पहुँच गए हैं।
सिंधु की जीत का विवरण
2022 सिंगापुर ओपन की चैंपियन सिंधु का सामना 5वीं वरीयता प्राप्त वर्दानी से था। पहले गेम में सिंधु ने शुरुआत से ही चार अंकों की बढ़त बनाए रखी, हालाँकि बीच में वर्दानी ने स्कोर 16-16 से बराबर कर दिया। इसके बाद सिंधु ने लगातार 5 अंक जीतकर पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया।
दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच हर अंक के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला। सिंधु ने निर्णायक मौकों पर अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए 21-18 से गेम और मैच अपने नाम किया। इस जीत के साथ सिंधु ने वर्दानी के विरुद्ध अपना हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 3-3 से बराबर कर लिया। अब प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला जापान की रिको गुंजी से होगा।
सात्विक-चिराग का रोमांचक सफर
पुरुष युगल में सात्विक-चिराग की जोड़ी का पहला गेम काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। भारतीय जोड़ी ने 7 गेम प्वाइंट्स बचाए, लेकिन अंततः पहला गेम 26-28 से गँवा दिया। इसके बाद जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-15 से जीता और तीसरे गेम में अपना पूरा दबदबा दिखाते हुए 21-13 से मैच अपने नाम कर लिया। राउंड ऑफ 16 में उनका सामना चीनी ताइपे के ली झे-हुई और यांग पो-ह्सुआन की जोड़ी से होगा।
आयुष शेट्टी और अन्य भारतीय का प्रदर्शन
पुरुष एकल में आयुष शेट्टी का अभियान पहले दौर में ही समाप्त हो गया। उन्होंने पहला गेम 21-11 से आसानी से जीता, लेकिन इसके बाद अपनी लय बनाए नहीं रख सके और अगले दो गेम 14-21, 12-21 से गँवाकर बाहर हो गए। पहले दिन मैदान में उतरे अन्य भारतीय खिलाड़ी भी अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों से पराजित हुए।
भारत के लिए आगे का रास्ता
सिंगापुर ओपन में भारत की उम्मीदें अब मुख्यतः पीवी सिंधु और सात्विक-चिराग की जोड़ी पर टिकी हैं। यह टूर्नामेंट BWF वर्ल्ड टूर सुपर 500 श्रेणी का है, इसलिए यहाँ अच्छा प्रदर्शन रैंकिंग और आत्मविश्वास दोनों के लिहाज़ से अहम है। गौरतलब है कि सिंधु 2022 में इसी टूर्नामेंट की चैंपियन रह चुकी हैं, जो उनके लिए अतिरिक्त प्रेरणा का स्रोत है।