पीवी सिंधु ने BWF फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में मारी एंट्री, पिन-चियन को 21-13, 21-14 से रौंदा
सारांश
मुख्य बातें
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को पेरिस में जारी BWF फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। उन्होंने चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियन को सीधे गेमों में 21-13, 21-14 से हराकर अंतिम चार में जगह पक्की की। यह जीत सिंधु के आत्मविश्वासपूर्ण फॉर्म की गवाह है, जो इस टूर्नामेंट में लगातार दबदबे के साथ खेल रही हैं।
मैच का घटनाक्रम
सिंधु ने मैच की शुरुआत से ही कोर्ट पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा। पहला गेम उन्होंने 21-13 से जीता। दूसरे गेम में ब्रेक तक उन्होंने 11-2 की बड़ी बढ़त बना ली। पिन-चियन ने वापसी का प्रयास किया, लेकिन सिंधु की लय और सटीक शॉट चयन के सामने वह टिक नहीं पाईं। सिंधु ने दूसरा गेम 21-14 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया।
सेमीफाइनल में सिंधु का सामना किससे
सिंधु अब फाइनल में जगह बनाने के लिए इंडोनेशिया की पाँचवीं वरीयता प्राप्त पुत्री वर्दानी या जापान की हिना अकेची से भिड़ेंगी। गौरतलब है कि इससे पहले सिंधु ने क्वार्टर फाइनल से पहले जापान की रिको गुंजी को महज 44 मिनट में 21-12, 21-16 से पराजित किया था। उल्लेखनीय है कि गुंजी ने ही प्रारंभिक दौर में भारत की उन्नति हुड्डा को टूर्नामेंट से बाहर किया था।
2016 रियो ओलंपिक में रजत पदक और टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीत चुकीं सिंधु के लिए यह टूर्नामेंट एक मज़बूत वापसी की कहानी लिख रहा है।
अश्मिता चालिहा का सफर क्वार्टर फाइनल में थमा
अश्मिता चालिहा का शानदार अभियान शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में जापान की अनुभवी नोज़ोमी ओकुहारा के हाथों 10-21, 21-17, 16-21 से हार के साथ समाप्त हो गया। हालाँकि यह सप्ताह चालिहा के करियर का सबसे यादगार रहा — गुरुवार को उन्होंने विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त अकाने यामागुची को 21-19, 21-18 से हराकर पहली बार किसी सुपर 750 टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में कदम रखा था।
विश्व रैंकिंग में 36वें स्थान पर काबिज़ चालिहा ने इस साल कोरिया मास्टर्स सुपर 300 जीतकर अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब हासिल किया था। डेनमार्क में यामागुची से मिली हार के महज एक हफ्ते बाद पेरिस में उनके खेल और आत्मविश्वास में दिखा बदलाव भारतीय बैडमिंटन के लिए उत्साहजनक संकेत है।
पुरुष एकल: आयुष शेट्टी चोट के कारण बाहर
पुरुष एकल में आयुष शेट्टी का सफर चोट के कारण बीच में ही थम गया। जापान के छठी वरीयता प्राप्त कोडाई नारोका के खिलाफ उन्होंने पहला गेम 17-21 से गँवाया और दूसरे गेम में 6-11 से पीछे चल रहे थे, तभी चोट के कारण उन्हें रिटायर होना पड़ा। उल्लेखनीय है कि शेट्टी ने इस फ्रेंच ओपन के पहले दौर में किदांबी श्रीकांत को हराया था।
लक्ष्य सेन ने अपने पहले दौर के मैच से पहले ही नाम वापस ले लिया था। इसके अलावा पेरिस में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी और महिला युगल जोड़ी ट्रेसा जॉली-गायत्री गोपीचंद भी पहले दौर में ही बाहर हो चुकी थीं।
भारत की नज़र अब सिंधु पर
भारतीय चुनौती अब पूरी तरह सिंधु के कंधों पर टिकी है। यदि वह सेमीफाइनल जीतती हैं, तो यह इस सीज़न का उनका सबसे बड़ा परिणाम होगा और भारतीय बैडमिंटन को एक और सुपर 750 फाइनल की उम्मीद मिलेगी।