राहुल गांधी 'फेल्ड प्रोडक्ट' नहीं, संविधान के रक्षक हैं: कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौध का पीएम मोदी पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद करमवीर सिंह बौध ने 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'फेल्ड प्रोडक्ट' वाले बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। हरियाणा से राज्यसभा सदस्य बौध ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और मीडिया को एकतरफा करने के आरोप भी लगाए।
मोदी के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
करमवीर सिंह बौध ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हज़ारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर मीडिया को एकतरफा किया और उसके माध्यम से देश के 'सबसे पढ़े-लिखे, देशभक्त और संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा रखने वाले इंसान' के बारे में अपमानजनक बातें की जा रही हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि कल तक जिन्हें नेतृत्वहीन बताया जाता था, आज उन्हें 'फेल्ड प्रोडक्ट' कहना इस बात का प्रमाण है कि राहुल गांधी की आवाज़ और उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता बढ़ रही है। बौध के अनुसार, 64-65 फीसदी — बल्कि उससे भी अधिक — लोग राहुल गांधी की बातों पर भरोसा करते हैं।
सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप
कांग्रेस सांसद ने महंगाई, भ्रष्टाचार, काले धन और कर-सुधारों पर मोदी सरकार के पूर्व-सत्ता वादों का हवाला देते हुए कहा, 'पहले 5 साल माँगे, फिर 60 दिन, और अब विजन 2047 की बात हो रही है — जब हम जीवित ही नहीं रहेंगे।' उन्होंने कहा कि सरकार ने कांग्रेस के कार्यकाल में बनाई गई संस्थाओं, इमारतों और सार्वजनिक संसाधनों को निजी हाथों में सौंप दिया है।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार सार्वजनिक उद्यमों के निजीकरण और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल
बौध ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्थाओं पर दबाव डाला जा रहा है, लाखों-करोड़ों वोट मनमर्जी से काटे जा रहे हैं, और जब जवाब माँगा जाता है तो सत्तारूढ़ पार्टी उन संस्थाओं के पक्ष में आ जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के अधिकारी, कर्मचारी और संवैधानिक संस्थाएँ खुद को असहाय महसूस कर रही हैं क्योंकि उनके हाथों में कोई स्वायत्त अधिकार नहीं बचा है। गौरतलब है कि विपक्ष पिछले कई संसद सत्रों में इसी मुद्दे को उठाता रहा है।
बच्चों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया
कांग्रेस सांसद ने माँग की कि संसद में यह बताया जाए कि प्रदर्शनकारी बच्चों पर गोलियाँ किसने चलाईं, पैलेट गन का उपयोग किसके आदेश पर हुआ, और सिविल ड्रेस में लोगों को बुलाकर कार्रवाई क्यों करवाई गई। उन्होंने सरकार से कहा, 'दूसरे पर आरोप लगाने की जगह संसद में आकर जवाब दीजिए।'
विपक्ष की भूमिका पर बौध का रुख
बौध ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का दायित्व है — देश को बचाना, संविधान की रक्षा करना और लोकतंत्र को सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा कि संसद सत्र चलते रहे तो सदन में लड़ाई जारी रहेगी, और सत्र के बाहर भी संघर्ष रुकेगा नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि 'झूठे वादों का खामियाजा सत्तारूढ़ पार्टी को बहुत जल्द भुगतना पड़ेगा।'