अनिल राजभर का राहुल गांधी पर पलटवार: 'हर भारतीय PM मोदी के साथ, कांग्रेस सद्बुद्धि से काम ले'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने 21 अगस्त को लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबंधी टिप्पणियों पर तीखा पलटवार किया। राजभर ने कहा कि देश का हर नागरिक और भारत से लगाव रखने वाला हर व्यक्ति प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है।
मुख्य बयान
राजभर ने कहा कि जनता प्रधानमंत्री को अपना समर्थन, प्यार, आशीर्वाद और सहयोग दे रही है। उनके अनुसार, राहुल गांधी जैसे नेता इसी बात से परेशान हैं और अपनी हताशा व्यक्त करने के लिए 'बेतुकी बातें' करते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि राहुल गांधी तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बर्बाद नहीं हो जाती।
कांग्रेस पर सीखने से इनकार का आरोप
राजभर ने कहा कि जनता कांग्रेस और उसके नेताओं को लगातार सबक सिखा रही है, फिर भी पार्टी अपनी गलतियों से सीखने को तैयार नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि कांग्रेस सीखने को तैयार नहीं है, तो 'भगवान उसे सद्बुद्धि दे।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर वाकयुद्ध जारी है।
सेना के मनोबल पर विपक्ष को घेरा
राजभर ने कांग्रेस और विपक्ष पर भारतीय सेना को लेकर 'गलत नैरेटिव और गलत तथ्यों' के आधार पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहाँ भी भारत-विरोधी नैरेटिव बनता है या ऐसा कोई अवसर आता है जिससे सेना का मनोबल प्रभावित हो सकता है, वहाँ कांग्रेस और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठते हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की 'आदत' करार देते हुए देशहित के मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
मेरठ मारपीट मामले पर प्रतिक्रिया
पत्रकारों ने राजभर से मेरठ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे पर किसान नेता दिग्विजय भाटी के साथ मारपीट के आरोपों पर भी सवाल किया। मंत्री ने कहा कि उनके पास इस मामले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और किसी भी व्यक्ति के साथ कानून के विरुद्ध व्यवहार होने पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह बयानबाजी ऐसे राजनीतिक माहौल में आई है जब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सैन्य मुद्दों पर तनातनी चरम पर है। मेरठ के एसएसपी पर लगे आरोपों की जाँच की माँग भी जोर पकड़ सकती है, जिस पर उत्तर प्रदेश सरकार की आगे की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।