राहुल गांधी के 'गद्दार' बयान पर BJP का पलटवार, UP मंत्रियों ने कांग्रेस नेता को ठहराया जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को 'गद्दार' कहे जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। 21 मई को लखनऊ में BJP नेताओं ने एकस्वर में कहा कि यह आरोप राहुल गांधी पर ही लागू होता है, न कि देश के शीर्ष नेतृत्व पर।
मंत्री अनिल राजभर का पलटवार
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने राहुल गांधी के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपना इतिहास पहले देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी के कार्यकाल तक कांग्रेस शासन पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं, जो जनता के सामने छिपे नहीं हैं।
राजभर के अनुसार राहुल गांधी की आक्रामक बयानबाजी के पीछे असल वजह चुनावी विफलता है। उनका कहना है कि BJP और प्रधानमंत्री मोदी को चुनावों में लगातार हराने में नाकाम रहने की वजह से विपक्ष में निराशा और हताशा बढ़ रही है।
हालिया चुनाव परिणामों का संदर्भ
अनिल राजभर ने यह भी रेखांकित किया कि हाल के कई राज्यों के चुनावों में BJP का प्रदर्शन मजबूत रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी वहाँ भी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज करा रही है। उनके मुताबिक इन्हीं परिणामों से विपक्षी खेमे में बेचैनी साफ झलक रही है।
राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' के संकल्प के साथ देश में विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' की दिशा में प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता निर्विवाद है।
गौतम ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और भाषा की गरिमा की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना था कि देश के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध भी है।
युवा चेतना के रोहित कुमार सिंह का आरोप
युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने भी राहुल गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि यदि 'गद्दार' शब्द की कसौटी पर किसी को परखा जाए, तो सवाल राहुल गांधी पर भी उठ सकते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की रायबरेली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अपने परिवार से जुड़े क्षेत्रों में भी पूरी तरह सक्रिय नहीं दिखे।
रोहित कुमार सिंह ने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और अंततः वही तय करेगी कि कौन राष्ट्र के प्रति वास्तव में जिम्मेदार है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के मुद्दे राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं।
आगे क्या
गौरतलब है कि 'गद्दार' जैसे शब्दों का राजनीतिक विमर्श में बढ़ता इस्तेमाल संसदीय भाषा की गरिमा पर बहस को नया आयाम दे रहा है। BJP और कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले दिनों में और तीखा होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।