क्या कांग्रेस निराशा और हताशा में है? : जयवीर सिंह
सारांश
Key Takeaways
- जयवीर सिंह ने कांग्रेस की टिप्पणियों की निंदा की।
- कांग्रेस रैली में आपत्तिजनक नारे लगाना गंभीर मामला है।
- भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस शीतकालीन सत्र को बाधित कर रही है।
- लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं।
- मनरेगा का नया वर्जन आ रहा है।
लखनऊ, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ रामलीला मैदान में आयोजित रैली में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
यह बयान तब आया जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कांग्रेस के मंच से पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि रैली में काफी लोग मौजूद थे, यदि किसी ने ऐसा किया तो इसकी हमें जानकारी नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा इस मामले को मुद्दा बनाकर शीतकालीन सत्र को बाधित करने का प्रयास कर रही है।
जयवीर सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस का इस प्रकार की टिप्पणियाँ करना, इससे गंभीर कुछ नहीं हो सकता। कांग्रेस निराशा और हताशा में है और देश ऐसे नारों को स्वीकार नहीं करेगा। इससे केवल कांग्रेस को नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। इस तरह के नारों को देश कभी स्वीकार नहीं कर सकता।
मनरेगा के नाम बदलने पर उन्होंने कहा कि एक नया वर्जन आ रहा है, जिसमें पारदर्शिता और गुणवत्ता लाई जा रही है, और कई कमियों को सुधारा जा रहा है।
वोट चोरी के मामले में उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले के अलग-अलग बयानों पर उन्होंने कहा कि इंडी अलायंस में शामिल राजनीतिक दलों के बीच सामंजस्य नहीं है। वे केवल भाजपा के विरोध के लिए एक साथ आते हैं, और चुनावों में एक-दूसरे के खिलाफ उतरते हैं।
नीतीश कुमार के हिजाब वीडियो विवाद पर उन्होंने कहा कि इस पर टिप्पणी करना अभी उचित नहीं होगा, इसके लिए वीडियो को विस्तार से देखना होगा।