यूपी मंत्री जयवीर सिंह का विपक्ष पर हमला: CJP प्रोटेस्ट और राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मंत्री जयवीर सिंह ने 10 अक्टूबर 2026 को मैनपुरी में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कॉन्ग्रेस जन पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर विपक्ष पर कानून तोड़ने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश में जीत के दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह 'मन ही मन सरकार बना लेते हैं।'
मुख्य बयान: कानून और संविधान की मर्यादा
जयवीर सिंह ने कहा, 'आजकल विपक्ष हो या अन्य लोग, कानून तोड़ने, लोकतंत्र को कमज़ोर करने और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने का एक क्रम चल रहा है। यह लगातार बढ़ता जा रहा है।' उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि CJI (भारत के मुख्य न्यायाधीश) को संबोधित विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, फिर भी कार्यक्रम जारी रखा गया, जो 'लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है।'
मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित करना और संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार निशाना बनाना न तो लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में है, न ही संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप। उनके अनुसार, 'इस तरह की गतिविधियों को जनता स्वीकार भी नहीं करेगी।'
राहुल गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने के बाद राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी पर जयवीर सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति की एक प्रतिष्ठा और गरिमा होती है, और राष्ट्रपति का पद तो सर्वोच्च गरिमामय होता है। मंत्री ने कहा, 'अगर आप ज्ञापन देने के लिए जा रहे हैं तो शिष्टाचार का ध्यान रखें।'
उनका तर्क था कि जब राष्ट्रपति ने मिलने का समय दिया हो, तो उचित शिष्टाचार के साथ ज्ञापन देना ही संविधान और लोकतंत्र की मर्यादा है। किसी भी अनुचित शब्दावली के प्रयोग या अशोभनीय आचरण को वे स्वीकार्य नहीं मानते।
अखिलेश यादव के जीत के दावे पर तंज
यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के जीत के दावों पर कटाक्ष करते हुए जयवीर सिंह ने कहा कि 'वह हर बार सरकार बना लेते हैं। 2022 में भी मन ही मन बना ली थी, पहले भी बना ली थी।' उन्होंने यादव की नियमित बयानबाज़ी को महज़ एक दोहराव की प्रवृत्ति बताया।
CJP प्रोटेस्ट और विरोध के अधिकार पर रुख
CJP प्रोटेस्ट को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि संविधान में विरोध प्रदर्शन का अधिकार निश्चित रूप से दिया गया है, लेकिन इसके साथ कानूनी मर्यादाओं और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। उनके अनुसार, 'इस व्यवस्था का पालन करना होता है' — यही लोकतंत्र को मज़बूत बनाता है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और विरोध प्रदर्शन के अधिकार को लेकर तीखी बहस जारी है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सभी प्रमुख दलों की बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। इस बहस में BJP-विपक्ष के बीच टकराव का यह एक और अध्याय है जो आने वाले हफ्तों में और गहरा हो सकता है।