गांधीनगर GIDC कारखाने में विस्फोट: पाइप फटने से चार श्रमिकों की मौत, FSL जाँच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर के छत्राल जीआईडीसी फेज-4 स्थित रंग निर्माता कंपनी कोविका डाइज एंड इंटरमीडिएट्स में 15 अक्टूबर 2026 को बॉयलर के निकट पाइप फिटिंग कार्य के दौरान हुए विस्फोट में चार श्रमिकों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अत्यधिक दबाव के कारण एक पाइप के फटने से यह विस्फोट हुआ, हालाँकि सटीक कारण अभी जाँच के दायरे में है।
घटनाक्रम और विस्फोट की परिस्थितियाँ
यह हादसा गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कोविका डाइज एंड इंटरमीडिएट्स में उस समय हुआ जब श्रमिक बॉयलर के पास पाइप फिटिंग का रखरखाव कार्य कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, दबाव बढ़ने से पाइप फट गया और विस्फोट हुआ। हालाँकि इस आशंका की अभी फोरेंसिक जाँच से पुष्टि होना बाकी है।
यह कंपनी रंगों (डाइज) की निर्माता और निर्यातक है, और GIDC के उस क्षेत्र में स्थित है जहाँ रासायनिक उद्योग की कई इकाइयाँ संचालित होती हैं।
मृतकों की पहचान
पुलिस ने बताया कि चारों मृतक अन्य राज्यों से आए प्रवासी श्रमिक थे। झारखंड निवासी विनोदकुमार नंदलाल सिंह (आयु 42 वर्ष), टेड़ा देहारी (आयु 18 वर्ष) और सिकंदर लखन देहारी (आयु 40 वर्ष) की मौत इस हादसे में हुई। चौथे मृतक लक्ष्मण मीना राजस्थान के उदयपुर के निवासी थे। सभी चारों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और पुलिस आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में है।
फोरेंसिक और प्रशासनिक जाँच
फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक टीम घटनास्थल पर पहुँची और साक्ष्य संग्रह का कार्य शुरू किया। जिला पुलिस अधीक्षक रवि तेजा वासमसेट्टी ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञ नमूने एकत्र करेंगे और परीक्षण करेंगे ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि विस्फोट में ज्वलनशील पदार्थों की भूमिका थी या सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ।
इसके अतिरिक्त, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) की एक टीम भी कारखाने का दौरा करेगी और संबंधित पहलुओं की जाँच करेगी। अधिकारियों के अनुसार, जाँच का उद्देश्य यह स्थापित करना है कि विस्फोट तक पहुँचने वाली घटनाओं की श्रृंखला क्या थी।
सुरक्षा मानकों पर सवाल
गौरतलब है कि गुजरात के GIDC क्षेत्रों में रासायनिक और औद्योगिक दुर्घटनाओं का इतिहास रहा है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब औद्योगिक सुरक्षा मानकों और प्रवासी श्रमिकों की कार्यस्थल सुरक्षा पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है। चारों मृतकों का झारखंड और राजस्थान से होना यह रेखांकित करता है कि गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार काम करते हैं, जो अक्सर अनौपचारिक व्यवस्था में रखे जाते हैं।
आगे क्या होगा
फोरेंसिक जाँच के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि सुरक्षा चूक सिद्ध होती है, तो कारखाना प्रबंधन के विरुद्ध उचित धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। जाँच जारी है।