अहमदाबाद के वस्त्राल में अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट: 1 श्रमिक की मौत, 15 घायल
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में 18 जुलाई 2026 को शनिवार के दिन एक अवैध पटाखा निर्माण इकाई में भीषण विस्फोट हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री में आग भड़क उठी। हादसे में एक श्रमिक की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है और करीब 15 लोग घायल हैं, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह फैक्ट्री बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
यह विस्फोट रामोल से गतराड जाने वाले मार्ग पर महमूदपुरा टैलेंट के निकट स्थित पटाखा निर्माण इकाई में हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ और एम्बुलेंस मौके पर पहुँचीं। राहत एवं बचाव दल ने तत्काल अभियान शुरू करते हुए घायलों को बाहर निकाला और नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया।
पुलिस की प्रतिक्रिया और कानूनी कार्रवाई
जेपीसी क्राइम ब्रांच के अधिकारी शरद सिंघल ने बताया कि विस्फोट के समय फैक्ट्री में 15 कर्मचारी काम कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य लोग घायल हैं और उनका इलाज जारी है।' प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चलाई जा रही थी। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। सिंघल ने स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी शोक प्रकट किया और मृतक के परिजनों के प्रति संवेदनाएँ जताईं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
अवैध फैक्ट्री और सुरक्षा चूक की जाँच
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में अवैध पटाखा इकाइयों पर नकेल कसने की माँग लगातार उठती रही है। जाँच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बिना लाइसेंस के यह फैक्ट्री कितने समय से चल रही थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई। गौरतलब है कि भारत में अवैध पटाखा इकाइयों में विस्फोट की घटनाएँ पहले भी जानें ले चुकी हैं, फिर भी अनधिकृत उत्पादन इकाइयाँ संचालित होती रहती हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस और प्रशासन विस्फोट के सटीक कारणों की जाँच कर रहे हैं। यह भी खोजा जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों की निगरानी में कहाँ चूक हुई जिससे यह अवैध इकाई बिना रोक-टोक के चलती रही। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।