रामनगर-देहरादून पहली सीधी एक्सप्रेस ट्रेन शुरू, रेल मंत्री वैष्णव ने वर्चुअल हरी झंडी दिखाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार, 18 जुलाई 2026 को वर्चुअल माध्यम से रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस की पहली सेवा को हरी झंडी दिखाई, जिससे उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के बीच पहली बार सीधी एक्सप्रेस रेल कनेक्टिविटी स्थापित हुई। सरकारी बयान के अनुसार, यह ट्रेन लंबे समय से इस क्षेत्र के निवासियों की प्रतीक्षित माँग थी।
ट्रेन का समय-सारिणी और मार्ग
ट्रेन संख्या 15310 प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को सुबह 5:50 बजे रामनगर से रवाना होकर दोपहर 12:40 बजे देहरादून पहुँचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 15309 दोपहर 3:55 बजे देहरादून से चलकर रात 11:30 बजे रामनगर पहुँचेगी। रास्ते में ट्रेन काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार स्टेशनों पर रुकेगी।
ट्रेन में एसी सेकेंड क्लास, एसी थर्ड क्लास, एसी चेयर कार, स्लीपर क्लास, सेकेंड सिटिंग और जनरल सेकेंड क्लास कोच उपलब्ध हैं, जिससे हर वर्ग के यात्रियों को सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
किन्हें मिलेगा सबसे अधिक लाभ
नई सेवा से उत्तराखंड के नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बिजनौर जिलों के निवासियों — विशेषकर छात्रों, किसानों और व्यापारियों — को सीधा फायदा होगा। यात्री अब देहरादून और हरिद्वार के लिए एक ही दिन में आकर-जाकर सरकारी काम, शिक्षा और व्यापार संबंधी कार्य निपटा सकेंगे।
यह ट्रेन चार धाम यात्रा — बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री — के लिए भी एक महत्वपूर्ण फीडर कनेक्शन बनेगी। इसके अतिरिक्त, सरकार के अनुसार जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, गिरिजा देवी मंदिर और सीतामढ़ी (सीतावनी) जैसे पर्यटन व धार्मिक स्थलों तक पहुँच भी सुगम होगी।
रेल मंत्री की बड़ी घोषणाएँ
वैष्णव ने बताया कि ऋषिकेश रेलवे स्टेशन को फीडर स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि हरिद्वार स्टेशन पर बढ़ते यात्री-भार को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जो यात्री सुविधाओं और अतिरिक्त क्षमता विस्तार पर केंद्रित होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड के 11 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य प्रगति पर है — इनमें देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, किच्छा, कोटद्वार, रुड़की, काठगोदाम, लालकुआं जंक्शन, रामनगर और टनकपुर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य की रेल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण कार्य की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके पूरा होने के बाद यह परियोजना राज्य के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा साबित होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन के लिए बेहतर परिवहन अवसंरचना की माँग लगातार बढ़ रही है। रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस उस दिशा में एक ठोस कदम है, और आने वाले महीनों में स्टेशन पुनर्विकास व नई लाइनों के पूरा होने पर यह तस्वीर और स्पष्ट होगी।