रामनगर–देहरादून द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस को मंजूरी, 18 जुलाई से शुरू होगी सीधी रेल सेवा
सारांश
मुख्य बातें
रेल मंत्रालय ने उत्तराखण्ड के कुमाऊं क्षेत्र के रामनगर को राज्य की राजधानी देहरादून से जोड़ने वाली 15310/15309 रामनगर–देहरादून–रामनगर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस के संचालन को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। 18 जुलाई 2025 से शुरू होने वाली यह ट्रेन रामनगर और देहरादून के बीच चलने वाली पहली सीधी एक्सप्रेस सेवा है, जो क्षेत्र की वर्षों पुरानी माँग को पूरा करती है। सांसद अनिल बलूनी के निरंतर प्रयासों को इस निर्णय में अहम भूमिका का श्रेय दिया जा रहा है।
ट्रेन का समय-सारणी और रूट
नई एक्सप्रेस ट्रेन बुधवार और शुक्रवार को संचालित होगी। रामनगर से यह प्रातः 5:50 बजे रवाना होकर दोपहर 12:40 बजे देहरादून पहुँचेगी। वापसी में ट्रेन देहरादून से दोपहर 3:55 बजे चलकर उसी रात 11:30 बजे रामनगर लौटेगी।
दोनों दिशाओं में यह ट्रेन काशीपुर, रोशनपुर, पीपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार स्टेशनों पर ठहरेगी। इस रूट से उत्तराखण्ड के नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून तथा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बिजनौर जिलों के यात्री लाभान्वित होंगे।
किन्हें होगा सबसे अधिक फायदा
इस ट्रेन से छात्रों, किसानों, व्यापारियों और सरकारी कार्यों से देहरादून आने-जाने वाले यात्रियों को उसी दिन वापस लौटने की सुविधा मिलेगी। जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के साथ-साथ गिरिजा देवी मंदिर तथा सीतामढ़ी/सीतावनी जैसे धार्मिक स्थलों के श्रद्धालुओं को भी सीधा रेल संपर्क उपलब्ध होगा।
इसके अतिरिक्त, हरिद्वार और देहरादून से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री — चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी यह सेवा सुगम कड़ी बनेगी।
कोच सुविधाएँ
यात्रियों की आवश्यकताओं को देखते हुए ट्रेन में वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (2AC), वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (3AC), वातानुकूलित चेयर कार (CC), शयनयान (SL), द्वितीय श्रेणी चेयर कार और सामान्य द्वितीय श्रेणी (GS) के कोच शामिल किए जाएंगे।
सांसद बलूनी की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना
14 जुलाई को सांसद अनिल बलूनी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'लंबे समय से किए गए निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप 18 जुलाई से रामनगर–देहरादून सीधी रेल सेवा का शुभारंभ होने जा रहा है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।
बलूनी ने यह भी बताया कि प्रारंभिक चरण में ट्रेन सप्ताह में दो दिन चलेगी, और यात्रियों की संख्या तथा माँग के अनुसार भविष्य में इसे सप्ताह में चार से पाँच दिन तक बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। गौरतलब है कि इसी दौरान धनगढ़ी पुल भी आम जनता के लिए समर्पित किया जा चुका है, जिसे उन्होंने 'दोहरी खुशखबरी' बताया।
यह ट्रेन सेवा उत्तराखण्ड के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और आने वाले समय में इस मार्ग पर यात्री यातायात में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।