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साबरमती-बीकानेर एक्सप्रेस जल्द होगी लॉन्च, राजस्थान-गुजरात के बीच सीधा रेल संपर्क

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साबरमती-बीकानेर एक्सप्रेस जल्द होगी लॉन्च, राजस्थान-गुजरात के बीच सीधा रेल संपर्क

सारांश

साबरमती से बीकानेर के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन जल्द पटरी पर आएगी — करीब 740 किमी के रूट पर गुजरात और राजस्थान के 10 से अधिक जिलों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की हरी झंडी का इंतज़ार है।

मुख्य बातें

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जल्द साबरमती-बीकानेर (लालगढ़) एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे।
ट्रेन करीब 740 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और गुजरात-राजस्थान के 10 से अधिक जिलों को जोड़ेगी।
प्रमुख ठहराव: साबरमती, महेसाणा, पाटन, जालौर, जोधपुर , नागौर , बीकानेर और लालगढ़।
विद्यार्थियों, व्यापारियों, पर्यटकों और नौकरीपेशा लोगों को दैनिक सीधा रेल संपर्क मिलेगा।
हाल में राजस्थान को दी गई रेल सौगातों में वंदे भारत विस्तार, कोच केयर कॉम्पलेक्स और भुज-दिल्ली सेवा भी शामिल हैं।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शीघ्र ही साबरमती (अहमदाबाद) से बीकानेर (लालगढ़) के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाने वाले हैं, जिससे राजस्थान और गुजरात के बीच सीधा दैनिक रेल संपर्क स्थापित होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सेवा दोनों राज्यों के यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

रूट और प्रमुख ठहराव

करीब 740 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन और बनासकांठा जिलों से होते हुए राजस्थान के जालौर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर जिलों तक पहुँचेगी। ट्रेन के प्रमुख ठहरावों में साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़-भीनमाल, मोदरान, जालौर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़ स्टेशन शामिल हैं।

पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व

यह रेल सेवा दोनों राज्यों के समृद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ेगी। गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट, मोढेरा सूर्य मंदिर, पाटन स्थित ऐतिहासिक रानी की वाव और अहमदाबाद की सांस्कृतिक विरासत के प्रेमियों को अब राजस्थान के बीकानेर, जूनागढ़ किला, करणी माता मंदिर, लालगढ़ पैलेस और मरुस्थलीय पर्यटन स्थलों तक पहुँचने में सुविधा होगी।

इसी प्रकार राजस्थान से गुजरात की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी बिना किसी बदलाव के सीधा रेल विकल्प मिलेगा, जो अब तक उपलब्ध नहीं था।

आम जनता पर असर

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस सेवा के शुरू होने के बाद विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को विशेष लाभ मिलेगा। दोनों राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियाँ, व्यापारिक संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी इससे गति पकड़ेंगे।

राजस्थान के लिए रेलवे की बड़ी पहल

गौरतलब है कि हाल के महीनों में रेल मंत्री वैष्णव ने राजस्थान को कई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। जोधपुर से विभिन्न रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई गई, जैसलमेर में कोच केयर कॉम्पलेक्स का उद्घाटन हुआ और जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोचों के साथ संचालित करने की घोषणा की गई। इसके अलावा साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का विस्तार जैसलमेर तक और भुज-जालोर-पाली-दिल्ली नई रेल सेवा के संचालन से पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों को पहली बार दिल्ली और भुज से सीधा रेल संपर्क मिला है।

क्या होगा आगे

साबरमती-बीकानेर एक्सप्रेस के लॉन्च की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सेवा शुरू होते ही दोनों राज्यों के बीच दैनिक एक्सप्रेस रेल संपर्क की एक नई कड़ी जुड़ जाएगी, जो पश्चिम भारत की रेल कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन लॉन्च की तारीख अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है — जो 'जल्द' जैसे अस्पष्ट वादों की पुरानी परंपरा की याद दिलाता है। यह ध्यान देने योग्य है कि राजस्थान में हाल में घोषित कई रेल सेवाएँ चुनावी या राजनीतिक कैलेंडर के इर्द-गिर्द आई हैं। असली कसौटी यह होगी कि यह ट्रेन कब वास्तव में पटरी पर दौड़ती है और नियमित समयसारिणी के साथ संचालित होती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साबरमती-बीकानेर एक्सप्रेस कब शुरू होगी?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन जल्द शुरू होगी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसे हरी झंडी दिखाएंगे, लेकिन अभी तक आधिकारिक लॉन्च तारीख की घोषणा नहीं हुई है।
साबरमती-बीकानेर एक्सप्रेस का रूट और प्रमुख स्टेशन कौन से हैं?
यह ट्रेन करीब 740 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। प्रमुख ठहराव में साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, जालौर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़ शामिल हैं।
इस ट्रेन से किन यात्रियों को सबसे अधिक फायदा होगा?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। गुजरात और राजस्थान के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी इससे नई गति मिलेगी।
यह ट्रेन कौन से जिलों को जोड़ेगी?
यह ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन और बनासकांठा जिलों के साथ-साथ राजस्थान के जालौर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर जिलों को सीधे जोड़ेगी।
राजस्थान में हाल में रेलवे की और कौन सी नई सेवाएँ शुरू हुई हैं?
हाल के महीनों में जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोचों के साथ संचालित करने, जैसलमेर में कोच केयर कॉम्पलेक्स के उद्घाटन और भुज-जालोर-पाली-दिल्ली नई रेल सेवा की शुरुआत की गई है, जिससे पश्चिमी राजस्थान को पहली बार दिल्ली और भुज से सीधा रेल संपर्क मिला।
राष्ट्र प्रेस
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