सीएसएमटी से सावंतवाड़ी रोड नई ट्रेन सेवा शुरू, रेल मंत्री वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 3 सितंबर 2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), मुंबई से सावंतवाड़ी रोड के बीच नई दैनिक ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। यह सेवा मुंबई और कोंकण क्षेत्र के बीच लगभग 510 किलोमीटर की सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित करती है। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित रहे।
नई सेवा में क्या है खास
यह ट्रेन रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के यात्रियों को सीधी राहत देगी। सेवा एलएचबी रेक से संचालित होगी, जिससे यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक कोच उपलब्ध होंगे। रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कंकावली, कुडाल और सावंतवाड़ी जैसे स्टेशनों पर ठहराव से कोंकण के व्यापक इलाके को रेल संपर्क मिलेगा।
गणेशोत्सव के लिए विशेष इंतज़ाम
रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान यात्रियों की बढ़ती माँग को देखते हुए इस वर्ष 350 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या 370 तक बढ़ाने की भी व्यवस्था की गई है। यह नई ट्रेन सेवा विशेष रूप से त्योहारों और पर्यटन सीजन में अतिरिक्त यात्री क्षमता प्रदान करेगी।
कोंकण के विकास में अहम पड़ाव
केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि यह सेवा महज एक और ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि कोंकण क्षेत्र के विकास की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उनके अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी से मछुआरों और स्थानीय उत्पादकों को अपना माल मुंबई तक तेजी से पहुँचाने में मदद मिलेगी। साथ ही, कोंकण में रोजगार के नए अवसर बनेंगे और युवाओं को काम की तलाश में बाहर जाने की जरूरत कम होगी। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने इसे कोंकण के लोगों, प्रवासी मजदूरों और गणेश उत्सव पर घर लौटने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा तोहफा बताया।
मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क का विस्तार
वैष्णव ने बताया कि मुंबई में अभी ₹18,000 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। रेलवे 12-कोच वाले प्लेटफॉर्मों को 15-कोच के अनुकूल बनाने का काम कर रहा है, जिससे उपनगरीय नेटवर्क की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके अलावा, मौजूदा सिग्नलिंग प्रणाली को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है। मुंबई की जरूरतों के लिए 238 नए एसी लोकल ट्रेन रेक स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी पहली डिलीवरी 2027 में शुरू होगी।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और बुलेट ट्रेन की प्रगति
वैष्णव ने जानकारी दी कि पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अब 100 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं। केंद्रीय बजट में घोषित नए ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को डंकुनी से सूरत तक डिजाइन किया जा रहा है, जो विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र को जोड़ेगा। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर काम तेजी से जारी है, और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स से ठाणे को जोड़ने वाली समुद्र के नीचे बनने वाली सुरंग का निर्माण भी इसी परियोजना का हिस्सा है। उल्लेखनीय है कि 741 किलोमीटर लंबे कोंकण रेलवे रूट का विद्युतीकरण रिकॉर्ड समय में पूरा हो चुका है, जिससे यात्रा अधिक पर्यावरण अनुकूल और तेज हुई है। आने वाले समय में यह नई ट्रेन सेवा कोंकण में पर्यटन को भी नई गति देने का काम करेगी।