सावंतवाड़ी स्टेशन बनेगा 'लोकमान्य मधु दंडवते रेलवे टर्मिनस', महाराष्ट्र कैबिनेट की मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार, 26 मई 2026 को सावंतवाड़ी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर 'लोकमान्य मधु दंडवते रेलवे टर्मिनस' रखने को औपचारिक मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जो कोंकण क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी माँग को पूरा करता है।
मधु दंडवते और कोंकण रेलवे का अटूट रिश्ता
स्वर्गीय मधु दंडवते भारत के पूर्व रेल मंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री रह चुके हैं। उन्हें कोंकण रेलवे का जनक माना जाता है, क्योंकि उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार रूप देने में निर्णायक भूमिका निभाई। कोंकण क्षेत्र के लोग दृढ़ता से मानते हैं कि उनकी दूरदर्शिता और समर्पित प्रयासों के बिना यह रेल मार्ग संभव नहीं हो पाता। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इसी भावना के चलते पिछले कई वर्षों से कोंकण रेलवे मार्ग पर स्थित सावंतवाड़ी स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखने की माँग निरंतर उठती रही है।
केंद्र सरकार की मंजूरी अभी बाकी
राज्य कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब यह प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के पश्चात ही स्टेशन का नाम आधिकारिक रूप से 'लोकमान्य मधु दंडवते रेलवे टर्मिनस' हो जाएगा। यह प्रक्रिया रेलवे स्टेशन नामकरण के लिए निर्धारित मानक संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
जनगणना 2027 के चलते तबादलों की समय-सीमा बढ़ी
कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में राज्य सरकारी कर्मचारियों के सामान्य तबादलों की समय-सीमा 30 जून 2026 तक बढ़ाने को मंजूरी दी। यह निर्णय देशभर में चल रही जनगणना 2027 के पहले चरण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसके तहत 16 मई से 14 जून 2026 के बीच मकानों की सूची बनाने और आवास जनगणना का कार्य निर्धारित है। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों का तबादला नहीं किया जाना चाहिए। इस विस्तार को लागू करने के लिए महाराष्ट्र सरकारी सेवक स्थानांतरण और आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में देरी की रोकथाम संबंधी अधिनियम, 2005 में संशोधन किया जाएगा और राज्यपाल की सहमति से एक अध्यादेश भी जारी किया जाएगा।
नागपुर की दो बड़ी परियोजनाओं को राहत
मंत्रिमंडल ने नागपुर में दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए निजी भूमि की सीधी खरीद पर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट देने को भी मंजूरी दी। पहली परियोजना के तहत हिंगना तालुका के मौजे गोधानी और मौजा लाडगांव में एक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और वित्त केंद्र विकसित किया जाएगा, जिसे नागपुर महानगर विकास प्राधिकरण (NMRDA) बनाएगा। दूसरी परियोजना में नागपुर शहर के चारों ओर 148 किलोमीटर लंबी बाहरी रिंग रोड और चार परिवहन केंद्र विकसित किए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के रूप में लगभग ₹637 करोड़ का व्यय अनुमानित है।
क्षेत्रीय विकास पर असर
सावंतवाड़ी स्टेशन का नामकरण कोंकण क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करेगा। वहीं नागपुर की रिंग रोड और व्यापार केंद्र परियोजनाएँ विदर्भ में औद्योगिक और व्यावसायिक अवसरों को नई गति देंगी। गौरतलब है कि ये निर्णय महाराष्ट्र सरकार के उस व्यापक एजेंडे का हिस्सा हैं, जिसमें बुनियादी ढाँचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र की मंजूरी के बाद सावंतवाड़ी स्टेशन का नया नाम आधिकारिक रूप से लागू होगा।