रामनगर-देहरादून नई रेल सेवा को मंजूरी: अनिल बलूनी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का जताया आभार
सारांश
Key Takeaways
राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने 3 मई 2026 को जानकारी दी कि रामनगर से देहरादून के बीच नई रेलगाड़ी के परिचालन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बलूनी को भेजे पत्र में इसकी औपचारिक पुष्टि की है। बलूनी ने इसे उत्तराखंड की रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
मुख्य घटनाक्रम
अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के माध्यम से बताया कि उन्हें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें रामनगर-देहरादून के मध्य नई रेलगाड़ी चलाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान किए जाने की सूचना दी गई है। रेल मंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यह निर्णय 5 जनवरी 2026 को बलूनी द्वारा भेजे गए अनुरोध पत्र के संदर्भ में लिया गया है।
बलूनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल उत्तराखंड के लिए विकास और उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने रेल मंत्रालय की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया।
कुमाऊं-गढ़वाल संपर्क पर असर
नई रेल सेवा के शुरू होने से कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। बलूनी के अनुसार इससे यात्रियों के समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही पर्यटन, व्यापार और स्थानीय संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। उत्तराखंड की पहाड़ी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए रेल संपर्क का विस्तार क्षेत्रीय विकास के लिए विशेष महत्व रखता है।
पहले मिल चुकी हैं ये रेल सेवाएँ
बलूनी ने बताया कि रामनगर-देहरादून रेल सेवा से पहले उत्तराखंड को कई अन्य महत्वपूर्ण रेल सुविधाएँ भी मिल चुकी हैं। इनमें काठगोदाम-देहरादून के बीच 'नैनी-दून एक्सप्रेस', कोटद्वार से नई दिल्ली रेल सेवा और देहरादून से लखनऊ के लिए 'वंदे भारत एक्सप्रेस' शामिल हैं। इन सेवाओं ने राज्य के आम नागरिकों की यात्रा को पहले से अधिक सुविधाजनक बनाया है।
आगे की राह
नई रेलगाड़ी के परिचालन की औपचारिक तिथि और रूट संबंधी विस्तृत जानकारी रेल मंत्रालय की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह सेवा उत्तराखंड के रेल नेटवर्क को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक और कदम मानी जा रही है, और क्षेत्रीय जनता इसके शीघ्र संचालन की प्रतीक्षा कर रही है।