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रामनगर-देहरादून नई रेल सेवा को मंजूरी: अनिल बलूनी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का जताया आभार

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रामनगर-देहरादून नई रेल सेवा को मंजूरी: अनिल बलूनी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का जताया आभार

सारांश

उत्तराखंड को एक और रेल सौगात — रामनगर से देहरादून के बीच नई ट्रेन को केंद्र की मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पत्र के हवाले से इसकी पुष्टि की। यह सेवा कुमाऊं और गढ़वाल के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी।

मुख्य बातें

रामनगर-देहरादून के बीच नई रेलगाड़ी के परिचालन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी को पत्र भेजकर औपचारिक पुष्टि की।
यह निर्णय बलूनी के 5 जनवरी 2026 के अनुरोध पत्र के आधार पर लिया गया।
नई सेवा से कुमाऊं और गढ़वाल के बीच आवागमन सुगम होगा, पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
इससे पहले राज्य को नैनी-दून एक्सप्रेस , कोटद्वार-नई दिल्ली और वंदे भारत एक्सप्रेस (देहरादून-लखनऊ) जैसी सेवाएँ मिल चुकी हैं।

राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने 3 मई 2026 को जानकारी दी कि रामनगर से देहरादून के बीच नई रेलगाड़ी के परिचालन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बलूनी को भेजे पत्र में इसकी औपचारिक पुष्टि की है। बलूनी ने इसे उत्तराखंड की रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

मुख्य घटनाक्रम

अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के माध्यम से बताया कि उन्हें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें रामनगर-देहरादून के मध्य नई रेलगाड़ी चलाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान किए जाने की सूचना दी गई है। रेल मंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यह निर्णय 5 जनवरी 2026 को बलूनी द्वारा भेजे गए अनुरोध पत्र के संदर्भ में लिया गया है।

बलूनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल उत्तराखंड के लिए विकास और उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने रेल मंत्रालय की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया।

कुमाऊं-गढ़वाल संपर्क पर असर

नई रेल सेवा के शुरू होने से कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। बलूनी के अनुसार इससे यात्रियों के समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही पर्यटन, व्यापार और स्थानीय संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। उत्तराखंड की पहाड़ी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए रेल संपर्क का विस्तार क्षेत्रीय विकास के लिए विशेष महत्व रखता है।

पहले मिल चुकी हैं ये रेल सेवाएँ

बलूनी ने बताया कि रामनगर-देहरादून रेल सेवा से पहले उत्तराखंड को कई अन्य महत्वपूर्ण रेल सुविधाएँ भी मिल चुकी हैं। इनमें काठगोदाम-देहरादून के बीच 'नैनी-दून एक्सप्रेस', कोटद्वार से नई दिल्ली रेल सेवा और देहरादून से लखनऊ के लिए 'वंदे भारत एक्सप्रेस' शामिल हैं। इन सेवाओं ने राज्य के आम नागरिकों की यात्रा को पहले से अधिक सुविधाजनक बनाया है।

आगे की राह

नई रेलगाड़ी के परिचालन की औपचारिक तिथि और रूट संबंधी विस्तृत जानकारी रेल मंत्रालय की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह सेवा उत्तराखंड के रेल नेटवर्क को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक और कदम मानी जा रही है, और क्षेत्रीय जनता इसके शीघ्र संचालन की प्रतीक्षा कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि मंजूरी और वास्तविक परिचालन के बीच का अंतर अक्सर लंबा होता है — कई घोषित सेवाएँ महीनों, कभी-कभी वर्षों बाद शुरू होती हैं। राज्य की पहाड़ी भूगोल और सीमित रेल अवसंरचना को देखते हुए, असली कसौटी यह होगी कि यह ट्रेन कब तक पटरी पर दौड़ती है और इसकी आवृत्ति क्या होगी। कुमाऊं-गढ़वाल संपर्क को लेकर यह माँग लंबे समय से थी, और इसे पूरा करना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है — खासकर उत्तराखंड में आगामी चुनावी चक्र को देखते हुए।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामनगर-देहरादून नई रेल सेवा क्या है?
यह रामनगर से देहरादून के बीच प्रस्तावित नई रेलगाड़ी है, जिसे केंद्रीय रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। इस सेवा से कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।
इस रेल सेवा को मंजूरी कब और कैसे मिली?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी को पत्र भेजकर बताया कि 5 जनवरी 2026 के अनुरोध के आधार पर इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। बलूनी ने 3 मई 2026 को सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी साझा की।
इस नई ट्रेन से उत्तराखंड के किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
यह सेवा मुख्य रूप से कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के यात्रियों को लाभ पहुँचाएगी। इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आवागमन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड को पहले कौन-सी रेल सेवाएँ मिली हैं?
राज्य को इससे पहले काठगोदाम-देहरादून के बीच 'नैनी-दून एक्सप्रेस', कोटद्वार से नई दिल्ली रेल सेवा और देहरादून से लखनऊ के लिए 'वंदे भारत एक्सप्रेस' मिल चुकी हैं। ये सेवाएँ रेल मंत्रालय और बलूनी के प्रयासों का परिणाम बताई जाती हैं।
रामनगर-देहरादून ट्रेन कब से शुरू होगी?
अभी तक रेल मंत्रालय की ओर से परिचालन की औपचारिक तिथि सार्वजनिक नहीं की गई है। मंजूरी मिलने के बाद रूट और समय-सारिणी संबंधी विस्तृत जानकारी बाद में जारी होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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