CM मोहन यादव का आरोप: कांग्रेस ने 55 साल में एक मुट्ठी गेहूं नहीं खरीदा, हमारी सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन खरीदा

Click to start listening
CM मोहन यादव का आरोप: कांग्रेस ने 55 साल में एक मुट्ठी गेहूं नहीं खरीदा, हमारी सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन खरीदा

सारांश

मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने इंदौर में कांग्रेस पर 55 साल में किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया और दावा किया कि उनकी सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीद 75 लाख से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दी है — साथ ही ₹2,700 प्रति क्विंटल और उड़द बोनस का वादा भी किया।

Key Takeaways

CM मोहन यादव ने 3 मई को इंदौर में कांग्रेस पर 55 वर्षों में किसानों से गेहूं न खरीदने का आरोप लगाया। BJP सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीद 75 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन की। वर्तमान गेहूं खरीद दर ₹2,625 प्रति क्विंटल ; 2028 तक ₹2,700 प्रति क्विंटल का वादा। उड़द (काली चना) की तीसरी फसल उगाने वाले किसानों को ₹600 बोनस देने की घोषणा। मानसून के बाद किसानों को दिन के समय बिजली देने का आश्वासन। इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारे (IPEC) के पहले चरण का भूमि पूजन संपन्न।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार, 3 मई को इंदौर के नैनोद में एक जनसभा में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने राज्य में अपने 55 वर्षों के शासनकाल में किसानों से एक मुट्ठी अनाज भी नहीं खरीदा और गेहूं खरीद के लिए कभी कोई उचित व्यवस्था स्थापित नहीं की। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीद का आंकड़ा पिछले चक्र के 75 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया है।

किस मौके पर दिया यह बयान

मुख्यमंत्री यादव इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारे (IPEC) के पहले चरण के भूमि पूजन के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम नैनोद, इंदौर में संपन्न हुआ। उन्होंने इस अवसर का उपयोग अपनी सरकार की कृषि नीति को किसान कल्याण के एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया।

ऐतिहासिक तुलना: गेहूं के भाव का सफर

मुख्यमंत्री यादव ने ऐतिहासिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 1956 में गेहूं का भाव मात्र ₹80 से ₹100 प्रति क्विंटल था। अगले पाँच दशकों में यह वृद्धि केवल ₹400 प्रति क्विंटल तक सीमित रही, जिससे किसानों को नाममात्र का लाभ मिला। 2002-2003 तक भी गेहूं का भाव ₹400 से ₹500 प्रति क्विंटल के मामूली स्तर पर ही था।

उन्होंने बताया कि अब खरीद ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों के सामूहिक प्रयासों के साथ-साथ अपनी सरकार को भी दिया।

किसानों के लिए बोनस और नई घोषणाएँ

मुख्यमंत्री यादव ने उड़द (काली चना) जैसी तीसरी फसल उगाने वाले किसानों को ₹600 का बोनस देने का वादा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछली सरकारों ने कभी इस तरह के प्रोत्साहन नहीं दिए। इसके अलावा, उन्होंने अपनी पार्टी के घोषणापत्र का हवाला देते हुए 2028 तक गेहूं की खरीद दर को ₹2,700 प्रति क्विंटल तक बढ़ाने का वादा दोहराया और विश्वास जताया कि यह लक्ष्य संभवतः अगले वर्ष के भीतर ही प्राप्त हो जाएगा।

बिजली आपूर्ति और कृषि विकास का व्यापक दृष्टिकोण

बिजली आपूर्ति के संदर्भ में, मुख्यमंत्री यादव ने आश्वासन दिया कि मानसून का मौसम समाप्त होने और फसल चक्र शुरू होने के बाद किसानों को केवल दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से रात में सिंचाई करने की कठिनाइयों का समाधान होगा, जिसमें कड़ाके की ठंड, खतरनाक परिस्थितियाँ और कीचड़ में काम करने के जोखिम शामिल हैं।

इसके अलावा, उन्होंने किसानों की आय में विविधता लाने के लिए दुग्ध उत्पादन और पशुपालन में अवसरों के विस्तार की भी बात कही। उच्च खरीद मूल्य, फसल बोनस और बेहतर बुनियादी ढाँचे को मिलाकर, मुख्यमंत्री यादव ने अपनी सरकार को किसान सशक्तिकरण के एक नए अध्याय के रूप में प्रस्तुत किया।

Point of View

लेकिन '55 साल में एक मुट्ठी गेहूं नहीं खरीदी' जैसा दावा अतिरंजित प्रतीत होता है और इसे स्वतंत्र आंकड़ों से परखा जाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में अगले चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं और किसान मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। गेहूं खरीद में वृद्धि का श्रेय लेना उचित है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या MSP वृद्धि उत्पादन लागत और महंगाई के अनुपात में है — जिसका जवाब इस भाषण में नहीं मिलता।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

CM मोहन यादव ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने मध्य प्रदेश में अपने 55 वर्षों के शासनकाल में किसानों से एक मुट्ठी अनाज भी नहीं खरीदा और गेहूं खरीद के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं बनाई। यह बयान उन्होंने 3 मई को इंदौर में एक जनसभा में दिया।
मध्य प्रदेश में इस वर्ष गेहूं खरीद कितनी हुई?
CM यादव के अनुसार, इस वर्ष गेहूं खरीद पिछले चक्र के 75 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन हो गई है। वर्तमान खरीद दर ₹2,625 प्रति क्विंटल है।
2028 तक गेहूं की खरीद दर क्या होगी?
CM मोहन यादव ने अपनी पार्टी के घोषणापत्र का हवाला देते हुए 2028 तक गेहूं की खरीद दर ₹2,700 प्रति क्विंटल तक बढ़ाने का वादा दोहराया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह लक्ष्य संभवतः अगले वर्ष के भीतर ही प्राप्त हो जाएगा।
उड़द की फसल उगाने वाले किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
CM यादव ने उड़द (काली चना) जैसी तीसरी फसल उगाने वाले किसानों को ₹600 का बोनस देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी इस तरह के प्रोत्साहन नहीं दिए थे।
इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारा क्या है?
इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारा (IPEC) मध्य प्रदेश का एक औद्योगिक और आर्थिक विकास परियोजना है। CM मोहन यादव ने 3 मई को इसके पहले चरण का भूमि पूजन इंदौर के नैनोद में किया।
Nation Press