रजनीश दुग्गल ने खोला राज: प्रियंका चोपड़ा की फिल्म से कैसे बाहर हुए, बोले-नए कलाकारों को मना नहीं करूंगा
सारांश
Key Takeaways
मुंबई, 3 मई 2026 (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता रजनीश दुग्गल ने राष्ट्र प्रेस से एक विस्तृत साक्षात्कार में अपने फिल्मी सफर के सबसे कठिन पलों में से एक को साझा किया — वह समय जब उन्हें अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की फिल्म 'यकीन' से अचानक निकाल दिया गया था। दुग्गल के इस खुलासे से इंडस्ट्री में नए कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर नई रोशनी पड़ती है।
करियर के शुरुआती दिनों का झटका
दुग्गल ने बताया कि फिल्म 'यकीन' में उन्हें एक भूमिका के लिए चुना गया था, जिसमें प्रियंका चोपड़ा मुख्य भूमिका निभा रही थीं। उस समय प्रियंका सलमान खान और अक्षय कुमार जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ बड़ी फिल्मों में काम कर रही थीं। दुग्गल के शब्दों में, ''उस दौर में मैं इंडस्ट्री में बिल्कुल नया था और अभिनय की ट्रेनिंग ले रहा था। मुझे याद है कि एक रात करीब दो बजे मेरे पास फोन आया। उस फोन कॉल में मुझे बताया गया कि फिल्म में एक समस्या आ गई है।''
अस्पष्ट कारण, स्पष्ट सवाल
दुग्गल ने स्पष्ट किया कि उन्हें यह नहीं पता कि वह निर्णय प्रियंका चोपड़ा का था, उनकी टीम का था, या फिल्म के निर्माताओं का। उन्होंने कहा, ''मुझे बताया गया कि प्रियंका चोपड़ा किसी नए कलाकार के साथ काम नहीं करना चाहती हैं, लेकिन मैं किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहता। उस समय मैं कैमरे का सामना भी ठीक से करना नहीं जानता था, ऐसे में यह घटना मेरे लिए काफी बड़ा झटका था।'' यह अनिश्चितता ही दुग्गल के अनुभव को और भी गहरा बनाती है — न केवल निकाले जाने का दर्द, बल्कि कारणों की अस्पष्टता।
एक सीख जो बदल गई सोच
इस घटना के बाद दुग्गल ने एक व्यक्तिगत संकल्प लिया। उन्होंने कहा, ''उस पल के बाद मैंने फैसला किया कि मैं कभी किसी नए कलाकार के साथ काम करने से मना नहीं करूंगा। मेरा मानना है कि हर बड़े कलाकार ने कभी न कभी नए कलाकार के रूप में ही शुरुआत की होती है। इसलिए नए लोगों को मौका मिलना बेहद जरूरी है।'' यह दृष्टिकोण दुग्गल के चरित्र को दर्शाता है — निराशा को सहानुभूति में बदलने की क्षमता।
इंडस्ट्री में नए कलाकारों की वास्तविकता
दुग्गल का अनुभव उस बड़ी समस्या की ओर इशारा करता है जिसका सामना हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों में नए कलाकार करते हैं। वे कहते हैं, ''फिल्म इंडस्ट्री में नए कलाकारों को अक्सर खुद को साबित करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और कई बार ऐसे मुश्किल हालात का सामना भी करना पड़ता है।'' गौरतलब है कि यह घटना उनके करियर का एक अकेली घटना नहीं रही — इसके बाद उन्हें कभी ऐसा अनुभव नहीं हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि उन्होंने अपने कौशल को निखारने में सफलता पाई।
आगे की यात्रा
दुग्गल का यह साक्षात्कार न केवल व्यक्तिगत है, बल्कि इंडस्ट्री के लिए एक संदेश भी है। उन्होंने दिखाया है कि कैसे एक कठोर अनुभव को सीख में बदला जा सकता है और कैसे आज के स्थापित कलाकार कल के नए प्रतिभाओं के लिए दरवाज़े खोल सकते हैं। यह दृष्टिकोण फिल्म इंडस्ट्री में एक स्वस्थ संस्कृति बनाने के लिए आवश्यक है।