ओडिशा के मलकानगिरी में हशीश तेल निर्माण इकाई का भंडाफोड़, ₹100 करोड़ के रसायन और 50 किलो गांजा जब्त
सारांश
Key Takeaways
मलकानगिरी पुलिस (ओडिशा) ने 3 मई 2026 की सुबह एक मोबाइल हशीश तेल निर्माण इकाई का भंडाफोड़ करते हुए लगभग 800 लीटर रसायन और विलायक जब्त किए, जिनका उपयोग अत्यधिक शक्तिशाली हशीश तेल के निर्माण में किया जाता है। पुलिस के अनुसार, इन रसायनों से तैयार होने वाले हशीश तेल का अनुमानित बाज़ार मूल्य लगभग ₹100 करोड़ है। इस कार्रवाई में 50 किलोग्राम गांजा और 2 लीटर तैयार हशीश तेल भी बरामद किया गया।
कैसे हुई कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मलकानगिरी पुलिस को खुफिया जानकारी मिल रही थी कि जिले के चित्रकोंडा इलाके में हशीश तेल की एक गुप्त निर्माण इकाई संचालित हो रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने संदिग्ध स्थानों की निगरानी और सत्यापन शुरू कर दिया।
इसके बाद दूरदराज और वन क्षेत्रों में कई छापेमारी अभियान चलाए गए। पुलिस के बढ़ते दबाव को भाँपते हुए गिरोह के सदस्य पूरे सेटअप को अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरित करते रहे ताकि गिरफ्तारी से बच सकें।
एस्सार चौक पर वाहन पकड़ा गया
अंततः एसडीपीओ चित्रकोंडा प्रदोश प्रधान के नेतृत्व में मलकानगिरी पुलिस ने चित्रकोंडा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत एस्सार चौक के पास सिलेरू क्षेत्र की ओर जा रहे एक वाहन को रोका। इस वाहन में संपूर्ण गुप्त हशीश तेल निर्माण इकाई लदी हुई थी।
जब्त वाहन आंध्र प्रदेश (AP) पंजीकृत था और उस पर फर्जी पंजीकरण संख्या लगी हुई थी। हालाँकि, वाहन चालक दुर्गम इलाके का फायदा उठाकर घने जंगल में भागने में सफल रहा।
तस्करों की बदलती रणनीति
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध गांजा तस्करी के विरुद्ध सुरक्षाबलों की कड़ी निगरानी और बिना पकड़े माल पहुँचाने में बढ़ती कठिनाइयों के कारण तस्कर अब तेज़ी से हशीश तेल निष्कर्षण की ओर रुख कर रहे हैं। कम मात्रा में होने के कारण इस उत्पाद को छिपाना और अन्य राज्यों में खरीदारों तक पहुँचाना अपेक्षाकृत आसान होता है।
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब ओडिशा के नक्सल-प्रभावित दक्षिणी ज़िलों में नशीले पदार्थों की तस्करी के नए तरीकों पर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।
आगे की कार्रवाई
मलकानगिरी जिले के पुलिस अधीक्षक ने फरार चालक को पकड़ने, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और जब्त वाहन का विवरण जुटाने के लिए कई विशेष टीमें गठित की हैं। जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।