MNRE का 'रन फॉर सन' मैराथन: भारत की सौर क्षमता 150 गीगावाट, अप्रैल 2026 में 2.7 लाख रूफटॉप इंस्टॉलेशन का रिकॉर्ड

Click to start listening
MNRE का 'रन फॉर सन' मैराथन: भारत की सौर क्षमता 150 गीगावाट, अप्रैल 2026 में 2.7 लाख रूफटॉप इंस्टॉलेशन का रिकॉर्ड

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 3 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय सूर्य दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम में 'रन फॉर सन' मैराथन का आयोजन किया। इस आयोजन के ज़रिए अप्रैल 2026 में एक महीने में रिकॉर्ड 2.7 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे होने का उत्सव मनाया गया और भारत की बढ़ती सौर ऊर्जा क्षमता को रेखांकित किया गया।

मैराथन का आयोजन और भागीदारी

मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम में 2 किमी और 5 किमी की दौड़ आयोजित की गई, जिसमें सभी आयु वर्ग के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाने का एक सामूहिक प्रयास था।

पीएम सूर्य घर योजना की उपलब्धियाँ

मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PM-SGMBY) के अंतर्गत अब तक 30 लाख सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। इनमें से अकेले अप्रैल 2026 में 2.7 लाख इंस्टॉलेशन हुए, जो किसी एक महीने में अब तक का सर्वाधिक आँकड़ा है। इस योजना से देश भर में 45 लाख से अधिक घरों को रूफटॉप सोलर का लाभ मिल चुका है।

भारत की सौर ऊर्जा क्षमता में ऐतिहासिक उछाल

मंत्रालय के बयान में कहा गया कि 31 मार्च 2026 तक भारत की कुल सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता 150 गीगावाट पर पहुँच गई है, जो 2014 में मात्र 2.82 गीगावाट थी — यानी 53 गुना की वृद्धि। उल्लेखनीय यह है कि अंतिम 50 गीगावाट क्षमता केवल 15 महीनों में जोड़ी गई, जिसे मंत्रालय ने देश के इतिहास में सबसे तेज़ वृद्धि बताया। इसके अलावा, भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता का लगभग 50 प्रतिशत अब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आता है — यह लक्ष्य 2030 की निर्धारित समयसीमा से काफी पहले हासिल कर लिया गया है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता और वैश्विक संदर्भ

मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में बढ़ती ऊर्जा अनिश्चितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र — और विशेष रूप से सौर ऊर्जा — ने आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाई है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर जीवाश्म ईंधन की कीमतें और आपूर्ति श्रृंखला की अनिश्चितताएँ कई देशों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

विशेषज्ञ की राय

इस अवसर पर MNRE के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा,

Nation Press