चीन में 110 पत्रकार हिरासत में, आरएसएफ रिपोर्ट में दुनिया का सबसे बड़ा 'मीडिया जेल' करार

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चीन में 110 पत्रकार हिरासत में, आरएसएफ रिपोर्ट में दुनिया का सबसे बड़ा 'मीडिया जेल' करार

सारांश

चीन में 110 पत्रकार जेल में हैं और वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में वह 180 में से 178वें स्थान पर है — पिछले साल से दो पायदान और नीचे। आरएसएफ की ताज़ा रिपोर्ट सिर्फ आँकड़े नहीं, एक चेतावनी है: कोविड रिपोर्टर झांग झान को दूसरी बार सज़ा, वकील से मुलाकात बंद, और अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों को अदालत से बाहर रोका गया।

Key Takeaways

आरएसएफ रिपोर्ट 2026 के अनुसार चीन में अभी 110 पत्रकार और 3 मीडिया कर्मी हिरासत में हैं — यह दुनिया में सर्वाधिक है। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन 180 देशों में 178वें स्थान पर, पिछले साल की 176वीं रैंकिंग से दो पायदान नीचे। कोविड-19 रिपोर्टर झांग झान को 19 सितंबर 2025 को दूसरी बार 4 साल की सज़ा ; शंघाई के पुडोंग डिटेंशन सेंटर में बंद। सुनवाई के दौरान 7 देशों के राजनयिकों और 5 कार्यकर्ताओं को अदालत में प्रवेश से रोका गया। आरएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से झान की रिहाई, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित कराने के लिए चीन पर दबाव बढ़ाने की अपील की।

पेरिस स्थित संगठन रिपोर्टर्स विथाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) की ताज़ा वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, चीन इस समय दुनिया का सबसे बड़ा पत्रकार-जेल बन चुका है, जहाँ वर्तमान में 110 पत्रकार और 3 मीडिया कर्मी हिरासत में हैं। 3 मई 2026 को जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि चीनी सरकार निगरानी, धमकी और दबाव के ज़रिए स्वतंत्र पत्रकारिता को व्यवस्थित रूप से कुचल रही है।

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन की स्थिति

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में चीन 180 देशों में 178वें स्थान पर है — यानी नीचे से तीसरे पायदान पर। उससे नीचे केवल नॉर्थ कोरिया (179वाँ) और इरिट्रिया (180वाँ) हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष चीन की रैंकिंग 176 थी, यानी एक साल में दो पायदान और नीचे खिसक गया।

उप-श्रेणियों में भी चीन की स्थिति चिंताजनक है — राजनीतिक और कानूनी मामलों में 179वाँ, सामाजिक मामलों में 177वाँ और आर्थिक मामलों में 173वाँ स्थान। यह आँकड़े स्पष्ट करते हैं कि पत्रकारिता पर दबाव केवल एकल स्तर पर नहीं, बल्कि हर आयाम पर मौजूद है।

झांग झान का मामला: दूसरी बार सज़ा

रिपोर्ट में पत्रकार झांग झान के मामले को विशेष रूप से उजागर किया गया है। 19 सितंबर 2025 को एक बंद कमरे में हुई सुनवाई के बाद उन्हें 'झगड़ा करने और परेशानी खड़ी करने' के आरोप में चार साल की सज़ा सुनाई गई। आरएसएफ के अनुसार यह उन पर 'झूठे आरोपों' में दूसरी बार दी गई सज़ा है।

झान को 28 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल उन्हें शंघाई के पुडोंग डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उनके वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे वे अपने मामले में सही तरीके से अपील भी नहीं कर पा रही हैं। आरएसएफ ने मार्च में चीनी अधिकारियों की इस बात के लिए कड़ी आलोचना की थी कि उन्होंने झान को बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है।

सुनवाई के दौरान कम से कम सात देशों के राजनयिक और पाँच कार्यकर्ता अदालत में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। कुछ को कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया गया।

पहली गिरफ्तारी: कोविड रिपोर्टिंग का खामियाज़ा

झांग झान को पहली बार मई 2020 में तब गिरफ्तार किया गया था, जब उन्होंने वुहान से कोविड-19 महामारी के दौरान ज़मीनी रिपोर्टिंग की थी। उस दौरान उन्होंने 100 से अधिक वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किए थे। यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में महामारी की शुरुआती जानकारी को लेकर चीन की पारदर्शिता पर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे थे।

आरएसएफ की माँग और अंतरराष्ट्रीय अपील

आरएसएफ की एशिया-पैसिफिक एडवोकेसी मैनेजर एलेक्जेंड्रा बिएलाकोव्स्का ने कहा,

Point of View

ये रिपोर्टें निंदा की औपचारिकता बनकर रह जाएँगी।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

आरएसएफ रिपोर्ट 2026 में चीन के बारे में क्या खुलासा हुआ?
रिपोर्टर्स विथाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) की 2026 रिपोर्ट के अनुसार चीन में 110 पत्रकार और 3 मीडिया कर्मी हिरासत में हैं, जिससे वह दुनिया का सबसे बड़ा पत्रकार-जेल बन गया है। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन 180 देशों में 178वें स्थान पर है।
झांग झान कौन हैं और उन्हें क्यों जेल हुई?
झांग झान एक चीनी पत्रकार हैं जिन्होंने मई 2020 में वुहान से कोविड-19 महामारी की ज़मीनी रिपोर्टिंग की थी और 100 से अधिक वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किए थे। 19 सितंबर 2025 को उन्हें दूसरी बार 'झगड़ा करने और परेशानी खड़ी करने' के आरोप में 4 साल की सज़ा सुनाई गई।
झांग झान को अभी कहाँ रखा गया है?
आरएसएफ के अनुसार झांग झान को 28 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में शंघाई के पुडोंग डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उनके वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन की रैंकिंग पिछले साल से कैसे बदली?
2026 के इंडेक्स में चीन 178वें स्थान पर है, जबकि पिछले साल वह 176वें स्थान पर था — यानी एक साल में दो पायदान की गिरावट। उससे नीचे केवल नॉर्थ कोरिया (179वाँ) और इरिट्रिया (180वाँ) हैं।
आरएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या माँग की है?
आरएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह चीन पर दबाव बढ़ाए ताकि झांग झान को रिहा किया जाए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा मिले। संगठन ने झान के वकीलों को उनसे मिलने देने की भी माँग की है।
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