तमिलनाडु मतगणना 4 मई: 62 केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा, 1.25 लाख कर्मी तैनात
सारांश
Key Takeaways
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने 3 मई को चेन्नई में बताया कि 4 मई को होने वाली तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए राज्य के 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। मतगणना सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों से शुरू होगी और सुबह 8:30 बजे से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की गिनती आरंभ होगी।
मतगणना का ढाँचा और व्यवस्था
अधिकारियों ने ईवीएम वोटों के लिए 234 मतगणना हॉल और डाक मतपत्रों तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे गए डाक मतपत्रों (ईटीपीबी) के लिए अतिरिक्त 240 हॉल स्थापित किए हैं। पूरी प्रक्रिया में कुल 3,324 मतगणना टेबल का उपयोग किया जाएगा। मतगणना की निगरानी रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) करेंगे, जिनकी सहायता के लिए सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) भी मौजूद रहेंगे।
कर्मियों की भारी तैनाती
मतगणना प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए मतगणना कर्मचारियों, सूक्ष्म पर्यवेक्षकों और सुरक्षा बलों सहित लगभग 1.25 लाख कर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इनमें से लगभग एक लाख पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहेंगे। मतगणना कार्यों के लिए 10,545 कर्मियों को नियुक्त किया गया है और 4,624 सूक्ष्म पर्यवेक्षक नियमों के पालन को सुनिश्चित करेंगे।
चुनाव आयोग (ECI) ने प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक-एक सहित कुल 234 मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। डाक मतपत्रों की गिनती के लिए विशेष रूप से 1,135 एआरओ तैनात किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक 500 मतपत्रों के लिए एक मेज आवंटित की गई है।
तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है। बाहरी 100 मीटर के घेरे की निगरानी स्थानीय पुलिस करेगी, प्रवेश द्वारों की सुरक्षा राज्य सशस्त्र पुलिस के हाथ में होगी, और मतगणना कक्षों तथा ईवीएम के सुरक्षित कक्षों की भीतरी सुरक्षा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) द्वारा की जाएगी। मतगणना केंद्रों पर सीएपीएफ की 65 कंपनियाँ तैनात की गई हैं।
चुनावी परिदृश्य और राजनीतिक दाँव
234 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल को हुआ था। सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सत्ता बरकरार रखने के लिए प्रयासरत है, जबकि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) पाँच साल विपक्ष में रहने के बाद वापसी की उम्मीद लगाए बैठी है। अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) और सीमान के नेतृत्व वाली नाम तमिलर काची (NTK) की मौजूदगी ने इस बार चुनावी परिदृश्य को और जटिल बना दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में बहुदलीय प्रतिस्पर्धा लगातार गहरी होती जा रही है।
मतगणना के नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे और विजय की TVK के प्रदर्शन पर राष्ट्रीय नज़रें टिकी रहेंगी।