तमिलनाडु: मतगणना से पहले मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने सुरक्षा की उच्चस्तरीय समीक्षा की, 4 मई को होगी गिनती
सारांश
Key Takeaways
- मुख्य सचिव एम. साई कुमार की अध्यक्षता में 29 अप्रैल को सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
- तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 85.10%25 मतदान दर्ज हुआ।
- राज्य में कुल 62 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, सभी पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू।
- मतगणना 4 मई को सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट और 8:30 बजे ईवीएम गिनती से शुरू होगी।
- DGP संदीप राय राठौर और चेन्नई-तांबरम पुलिस आयुक्त बैठक में शामिल हुए।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई को होने वाली है और इसी के मद्देनज़र 29 अप्रैल को चेन्नई में मुख्य सचिव एम. साई कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतगणना केंद्रों पर प्रोटोकॉल की सख्त पालना और बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP) संदीप राय राठौर, चेन्नई और तांबरम के पुलिस आयुक्त तथा अन्य कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मतगणना केंद्रों पर तैनाती योजना, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की विस्तार से समीक्षा की ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सके।
मतदान और मतगणना केंद्रों का ब्यौरा
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में 234 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें रिकॉर्ड 85.10 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया — जो भारी जनभागीदारी का प्रमाण है। राज्य में कुल 62 मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ चुनाव के दौरान उपयोग की गई ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के मुख्य बिंदु
अधिकारियों के अनुसार सभी 62 केंद्रों पर 24 घंटे पुलिस सुरक्षा और निरंतर निगरानी व्यवस्था लागू है। सभी मतगणना केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है और प्रवेश को नियंत्रित किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी संभावित गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके।
मतगणना प्रक्रिया का कार्यक्रम
मतगणना 4 मई को सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट की गिनती से शुरू होगी, जबकि ईवीएम की गिनती सुबह 8:30 बजे से आरंभ होगी। चुनाव आयोग (ECI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार पारदर्शिता, सटीकता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
प्रशासन का भरोसा
प्रशासन और चुनाव आयोग ने विश्वास जताया है कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होगी। गौरतलब है कि 85.10 प्रतिशत की यह रिकॉर्ड मतदान दर राज्य में मतगणना परिणामों को लेकर जनता की असाधारण उत्सुकता को और बढ़ा देती है। अब सभी की निगाहें 4 मई की सुबह पर टिकी हैं जब तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा तय होगी।