रामदास अठावले ने यूसीसी को बताया मुसलमानों के लिए फायदेमंद, राजस्थान में भूमिहीनों को 5 एकड़ जमीन देने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने सोमवार, 3 अगस्त 2026 को जयपुर में मीडिया से बात करते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का खुलकर समर्थन किया और कहा कि यह कानून मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक होगा। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान सरकार से अपील की कि वह राज्य के हर भूमिहीन गरीब परिवार को मुफ्त में 5 एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध कराए।
यूसीसी पर अठावले का रुख
अठावले ने स्पष्ट किया कि यूसीसी किसी एक समुदाय के विरुद्ध नहीं है, बल्कि यह देश में सामाजिक और आर्थिक समानता स्थापित करने का माध्यम है। उनके अनुसार, यह कानून विशेष रूप से मुस्लिम समाज में व्याप्त गरीबी दूर करने में भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों को भी यूसीसी लागू करने पर विचार करना चाहिए और इस आशय का पत्र वहाँ के प्रधानमंत्रियों को लिखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि यूसीसी को लेकर देश में लंबे समय से बहस जारी है। उत्तराखंड पहला राज्य बन चुका है जिसने इसे लागू किया है, जबकि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर इसे लाने की दिशा में विचार कर रही है। ऐसे में अठावले का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
भूमि सुधार की अपील
अठावले ने राजस्थान सरकार से आग्रह किया कि वह एक विशेष कार्यक्रम के तहत हर पात्र भूमिहीन परिवार को — चाहे वह किसी भी जाति या समुदाय का हो — 5 एकड़ कृषि भूमि निःशुल्क प्रदान करे। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए पहले एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाए, जो विस्तृत सर्वेक्षण के ज़रिए लाभार्थियों की पहचान करे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, तो राज्य को वितरण के लिए ज़मीन खरीदने पर विचार करना चाहिए। साथ ही उन्होंने बड़े भूस्वामियों से ऐतिहासिक भूदान आंदोलन की तर्ज पर स्वेच्छा से भूमि दान करने की अपील की। अठावले ने कहा कि वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर इस संबंध में औपचारिक अनुरोध करेंगे।
2029 चुनाव और एनडीए की संभावनाएँ
अठावले ने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट और सक्षम हैं और वे 2029 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को लगातार चौथी बार सत्ता में वापस लाएँगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव एनडीए को पराजित करने में सफल नहीं हो पाएँगे।
राजस्थान में आरपीआई की चुनावी रणनीति
अठावले ने घोषणा की कि उनकी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) राजस्थान में आगामी पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में एनडीए के सहयोगी के रूप में उतरेगी। सीट-बंटवारे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के साथ बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरपीआई कुछ सीटों पर स्वयं चुनाव लड़ेगी और शेष पर भाजपा का समर्थन करेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं और एनडीए के घटक दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटे हैं। आने वाले हफ्तों में सीट-बंटवारे की बातचीत की दिशा इस गठबंधन की ज़मीनी ताकत का पैमाना होगी।