राजस्थान यूसीसी बिल: कानूनी समीक्षा पूरी, कानून मंत्री जोगाराम पटेल को भेजा गया 200 पन्नों का ड्राफ्ट
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल का लगभग 200 पन्नों का ड्राफ्ट कानूनी समीक्षा की अहम बाधा पार कर चुका है और अब कानून मंत्री जोगाराम पटेल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। कानून विभाग ने यह ड्राफ्ट 13 अगस्त को मंत्री को सौंपा, और उनकी स्वीकृति मिलते ही इसे गुरुवार को होने वाली राज्य कैबिनेट बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल किए जाने की उम्मीद है।
ड्राफ्ट कैसे तैयार हुआ
यह ड्राफ्ट सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति ने तैयार किया। समिति ने पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ड्राफ्ट सौंपा, जिसके बाद गृह विभाग ने इसे सोमवार को कानूनी जाँच के लिए कानून विभाग को अग्रेषित किया। रिपोर्टों के अनुसार, समिति ने उन राज्यों के कानूनी प्रावधानों का गहन अध्ययन किया जिन्होंने यूसीसी के क्षेत्र में पहल की है।
किन राज्यों के प्रावधान शामिल हैं
ड्राफ्ट में उत्तराखंड और गुजरात के यूसीसी संबंधी कानूनी प्रावधानों को आधार के रूप में शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया है, जबकि गुजरात ने अपना यूसीसी बिल विधानसभा में पारित कर लिया है, हालाँकि वह अभी तक प्रभावी नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों और जनता से प्राप्त सुझावों को भी ड्राफ्ट में समाहित किया गया है।
आदिवासी समुदायों को छूट
सूत्रों के अनुसार, संवैधानिक कारणों से आदिवासी समुदायों को इस प्रस्तावित कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। यह प्रावधान उत्तराखंड के यूसीसी मॉडल के समान है, जहाँ अनुसूचित जनजातियों को विशेष संरक्षण दिया गया है।
कैबिनेट बैठक और आगे की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम दीया कुमारी, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। यदि कैबिनेट की मंजूरी मिलती है, तो सरकार बिल को विधानसभा में पेश करने की आगे की कानूनी और विधायी प्रक्रिया शुरू करेगी। यह कदम राजस्थान को उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बनाने की दिशा में निर्णायक हो सकता है।