13 अगस्त 2026
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राजस्थान यूसीसी बिल: कानूनी समीक्षा पूरी, कानून मंत्री जोगाराम पटेल को भेजा गया 200 पन्नों का ड्राफ्ट

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राजस्थान यूसीसी बिल: कानूनी समीक्षा पूरी, कानून मंत्री जोगाराम पटेल को भेजा गया 200 पन्नों का ड्राफ्ट

सारांश

राजस्थान का यूसीसी ड्राफ्ट कानूनी समीक्षा पार कर कानून मंत्री जोगाराम पटेल के पास पहुँच गया है। 200 पन्नों का यह दस्तावेज़ गुरुवार को कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है — जो राज्य को उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

मुख्य बातें

राजस्थान के यूसीसी बिल का लगभग 200 पन्नों का ड्राफ्ट कानूनी समीक्षा पूरी कर कानून मंत्री जोगाराम पटेल को भेजा गया।
ड्राफ्ट सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने तैयार किया।
ड्राफ्ट में उत्तराखंड और गुजरात के यूसीसी प्रावधानों को शामिल किया गया है।
संवैधानिक कारणों से आदिवासी समुदायों को प्रस्तावित कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
मंत्री की मंजूरी के बाद ड्राफ्ट गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में पेश होने की उम्मीद है।

राजस्थान के प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल का लगभग 200 पन्नों का ड्राफ्ट कानूनी समीक्षा की अहम बाधा पार कर चुका है और अब कानून मंत्री जोगाराम पटेल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। कानून विभाग ने यह ड्राफ्ट 13 अगस्त को मंत्री को सौंपा, और उनकी स्वीकृति मिलते ही इसे गुरुवार को होने वाली राज्य कैबिनेट बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल किए जाने की उम्मीद है।

ड्राफ्ट कैसे तैयार हुआ

यह ड्राफ्ट सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति ने तैयार किया। समिति ने पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ड्राफ्ट सौंपा, जिसके बाद गृह विभाग ने इसे सोमवार को कानूनी जाँच के लिए कानून विभाग को अग्रेषित किया। रिपोर्टों के अनुसार, समिति ने उन राज्यों के कानूनी प्रावधानों का गहन अध्ययन किया जिन्होंने यूसीसी के क्षेत्र में पहल की है।

किन राज्यों के प्रावधान शामिल हैं

ड्राफ्ट में उत्तराखंड और गुजरात के यूसीसी संबंधी कानूनी प्रावधानों को आधार के रूप में शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया है, जबकि गुजरात ने अपना यूसीसी बिल विधानसभा में पारित कर लिया है, हालाँकि वह अभी तक प्रभावी नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों और जनता से प्राप्त सुझावों को भी ड्राफ्ट में समाहित किया गया है।

आदिवासी समुदायों को छूट

सूत्रों के अनुसार, संवैधानिक कारणों से आदिवासी समुदायों को इस प्रस्तावित कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। यह प्रावधान उत्तराखंड के यूसीसी मॉडल के समान है, जहाँ अनुसूचित जनजातियों को विशेष संरक्षण दिया गया है।

कैबिनेट बैठक और आगे की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम दीया कुमारी, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। यदि कैबिनेट की मंजूरी मिलती है, तो सरकार बिल को विधानसभा में पेश करने की आगे की कानूनी और विधायी प्रक्रिया शुरू करेगी। यह कदम राजस्थान को उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बनाने की दिशा में निर्णायक हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा विधानसभा में होगी जहाँ विपक्ष और आदिवासी प्रतिनिधित्व दोनों मोर्चों पर तीखे सवाल उठ सकते हैं। आदिवासी समुदायों को दायरे से बाहर रखना संवैधानिक रूप से सुविचारित कदम है, लेकिन यह भाजपा की 'एक कानून, एक देश' की राजनीतिक पिच को भी कमज़ोर करता है। उत्तराखंड का अनुभव बताता है कि कानून बनना और उसे ज़मीन पर लागू करना दो अलग चुनौतियाँ हैं — राजस्थान के लिए क्रियान्वयन का खाका उतना ही महत्वपूर्ण होगा जितना ड्राफ्ट का पारित होना।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान यूसीसी बिल का ड्राफ्ट किसने तैयार किया?
यह ड्राफ्ट सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति ने तैयार किया। समिति ने उत्तराखंड और गुजरात के यूसीसी प्रावधानों, सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों और जनता के सुझावों का अध्ययन कर यह दस्तावेज़ बनाया।
राजस्थान यूसीसी बिल कैबिनेट में कब पेश होगा?
कानून मंत्री जोगाराम पटेल की मंजूरी मिलने के बाद ड्राफ्ट को गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली राज्य कैबिनेट बैठक में पेश किए जाने की उम्मीद है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधानसभा में पेश करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
राजस्थान यूसीसी में आदिवासी समुदायों को क्यों बाहर रखा गया है?
सूत्रों के अनुसार, संवैधानिक कारणों से आदिवासी समुदायों को इस प्रस्तावित कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। यह प्रावधान उत्तराखंड के यूसीसी मॉडल के समान है, जहाँ अनुसूचित जनजातियों को विशेष संरक्षण दिया गया है।
राजस्थान यूसीसी ड्राफ्ट में उत्तराखंड और गुजरात के प्रावधान क्यों शामिल किए गए?
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूसीसी लागू किया है और गुजरात ने विधानसभा में बिल पास किया है। राजस्थान की समिति ने इन राज्यों के अनुभव और कानूनी ढाँचे को आधार बनाकर अपना ड्राफ्ट तैयार किया, ताकि संभावित कानूनी चुनौतियों से बचा जा सके।
राजस्थान यूसीसी बिल के कानून बनने की आगे की प्रक्रिया क्या है?
कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार बिल को राजस्थान विधानसभा में पेश करने की कानूनी और विधायी प्रक्रिया शुरू करेगी। विधानसभा से पारित होने और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद ही यह कानून का रूप लेगा।
राष्ट्र प्रेस
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