यूसीसी पर रामदास आठवले का बयान: समान नागरिक संहिता से हिंदू-मुस्लिम अविश्वास होगा दूर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने 24 जून 2026 को भुवनेश्वर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने से देश में विभिन्न समुदायों के बीच कानूनी असमानता की भावना समाप्त होगी और सामाजिक विश्वास मजबूत होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी यूसीसी के पक्ष में है और कई राज्यों में इस दिशा में कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं।
यूसीसी पर आठवले का पक्ष
आठवले ने कहा, 'मेरी पार्टी का मानना है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे कानून के न होने से हिंदुओं और मुसलमानों के बीच अधिक विवाद और अविश्वास पैदा हुआ है। कई लोगों के मन में यह भावना रहती है कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग नियम हैं, जिसे समान कानून के माध्यम से दूर किया जा सकता है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महाराष्ट्र में इस समय यूसीसी को लेकर सक्रिय चर्चा चल रही है।
मौजूदा राज्य-स्तरीय पहल
गौरतलब है कि उत्तराखंड पहला राज्य बन चुका है जिसने यूसीसी को विधायी रूप से अपनाया है। आठवले ने इसी संदर्भ में कहा कि जहाँ कुछ राज्यों ने इस दिशा में पहल की है, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर इसे लागू करने से सभी नागरिकों को एक समान कानूनी ढाँचे के अंतर्गत लाया जा सकेगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन की कई राज्य सरकारें यूसीसी को अपने राजनीतिक एजेंडे में प्राथमिकता दे रही हैं।
मोहन यादव पर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा उज्जैन में कई एकड़ जमीन खरीदे जाने की खबरों पर आठवले ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई ठोस आधार हो तो जाँच उचित माध्यम है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इन आरोपों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं — हालाँकि उन्होंने इसे अपनी 'व्यक्तिगत राय और अनुमान' बताया।
मोहन यादव का बचाव
आठवले ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को 'ईमानदार राजनेता' बताते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप विपक्षी दलों की ओर से उनकी छवि खराब करने की कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले तथ्यों और जाँच के परिणामों को देखना जरूरी है।
आगे क्या
यूसीसी पर राष्ट्रीय बहस तेज होती जा रही है और महाराष्ट्र में इस पर विचार-विमर्श जारी है। आठवले के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दल इस मुद्दे पर एकजुट रुख अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।