3 अगस्त 2026
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ट्रंप का ईरान पर हमला: 'दोहरे चरित्र वाले नेता गिड़गिड़ाते हैं, फिर कहते हैं बातचीत नहीं'

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ट्रंप का ईरान पर हमला: 'दोहरे चरित्र वाले नेता गिड़गिड़ाते हैं, फिर कहते हैं बातचीत नहीं'

सारांश

ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर 'दोहरे चरित्र' का आरोप लगाया — वार्ता के लिए गिड़गिड़ाते हैं, फिर सार्वजनिक रूप से इनकार करते हैं। होर्मुज पर 'स्टील की दीवार' का दावा और परमाणु हथियारों पर कड़ी चेतावनी के बीच ईरान ने हर वार्ता से साफ इनकार किया।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 3 अगस्त 2026 को ईरानी नेतृत्व को 'दोहरे चरित्र वाला' बताते हुए ट्रुथ सोशल पर तीखा हमला बोला।
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना की 'स्टील की दीवार' पहले से तैनात है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे — समझौता या आत्मसमर्पण ही विकल्प।
ईरान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अमेरिका से किसी भी वार्ता से साफ इनकार किया।
बाघेई ने ईरान-ओमान वार्ता को होर्मुज में सुरक्षित जहाजरानी मार्ग तय करने तक सीमित बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 अगस्त 2026 को ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'दोहरे चरित्र वाला' करार दिया। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के अधिकारी एक ओर अमेरिका के साथ वार्ता के लिए गिड़गिड़ाते हैं और बैठक तय होते ही सार्वजनिक रूप से यह दावा करने लगते हैं कि कोई बातचीत हो ही नहीं रही। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव चरम पर है।

ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर सीधा प्रहार

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'ईरान का नेतृत्व हैरान करने वाली दोहरी बातें करता है। वे बैठक की मांग करते हैं, कुछ लोग तो कहेंगे कि वे इसके लिए 'गिड़गिड़ाते' हैं। बातचीत शुरू होती है और आगे के कई दौर तय होते हैं, लेकिन फिर वे खुलेआम और बड़े गर्व से कहते हैं कि कोई बातचीत ही नहीं हो रही, किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं चल रही, और वे सिर्फ 'ओमान' से बात कर रहे हैं।'

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना का पूर्ण नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तथाकथित 'स्टील की दीवार' वहाँ पहले से तैनात है और ईरान तक तब तक कुछ नहीं पहुँच सकता, जब तक कोई समझौता नहीं होता या पूर्ण आत्मसमर्पण नहीं किया जाता।

परमाणु हथियारों पर ट्रंप की कड़ी चेतावनी

ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने कहा, 'हम उस समस्या का हल निकालने के लिए बातचीत कर रहे हैं, जिसे ईरान ने दशकों से पैदा किया है। बात बिल्कुल साफ है।' यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक शक्तियाँ ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक दबाव बनाए हुए हैं।

ईरान का खंडन — 'कोई वार्ता नहीं'

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को ट्रंप के 'अप्रत्यक्ष वार्ता' संबंधी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। बाघेई ने पत्रकारों से कहा, 'किसी प्रतिनिधि का स्वागत करने या किसी को बातचीत के लिए भेजने की हमारी कोई योजना नहीं है। फिलहाल हमारी अमेरिका से कोई बातचीत नहीं चल रही।'

बाघेई ने अमेरिका-इज़रायल की संयुक्त कार्रवाई को 'पूरे क्षेत्र और उसके सभी देशों की सुरक्षा के खिलाफ जंग' करार दिया। यह बयान क्षेत्रीय तनाव की गंभीरता को रेखांकित करता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की भूमिका

बाघेई ने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज जलमार्ग के बंद होने को लेकर ईरान और ओमान के बीच कोई मतभेद नहीं है। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत का मुख्य उद्देश्य इस जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक अस्थायी मार्ग तय करना है — न कि अमेरिका से कोई वार्ता।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है, जिससे इस क्षेत्र में किसी भी तनाव का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सीधा असर पड़ता है। आने वाले हफ्तों में कूटनीतिक गतिविधियों की दिशा तय करेगी कि यह टकराव बातचीत की राह पकड़ता है या और गहराता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि ईरानी नेतृत्व किसी भी झुकाव की छवि से बचना चाहता है। होर्मुज को लेकर दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावे वैश्विक तेल बाजार के लिए वास्तविक जोखिम हैं, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज करती है। ओमान की भूमिका — जो चुपचाप मध्यस्थ बनी हुई है — इस पूरे प्रकरण का सबसे कम रिपोर्ट किया गया लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को 'दोहरे चरित्र वाला' क्यों कहा?
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के अधिकारी निजी तौर पर वार्ता की गुहार लगाते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से किसी भी बातचीत से इनकार करते हैं। उन्होंने यह बात 3 अगस्त 2026 को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके कही।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप का क्या दावा है?
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना की 'स्टील की दीवार' तैनात है और ईरान तक तब तक कुछ नहीं पहुँच सकता जब तक अमेरिका न चाहे। उन्होंने इसे अमेरिका की 'नाकाबंदी' बताया।
ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ता के दावों पर क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही और न ही किसी प्रतिनिधि को भेजने या बुलाने की योजना है। उन्होंने ट्रंप के 'अप्रत्यक्ष वार्ता' के दावे को पूरी तरह खारिज किया।
ईरान और ओमान के बीच किस मुद्दे पर बातचीत हो रही है?
बाघेई के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक अस्थायी मार्ग तय करना है। इसका अमेरिका के साथ किसी वार्ता से कोई संबंध नहीं है।
परमाणु हथियारों पर ट्रंप का ईरान को क्या संदेश है?
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान के सामने केवल दो विकल्प हैं — समझौता या पूर्ण आत्मसमर्पण।
राष्ट्र प्रेस
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