ईरान हमें होर्मुज के मुद्दे पर नहीं कर सकता ब्लैकमेल: ट्रंप
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं कर सकता।
- ईरान की कमजोरियों का उल्लेख किया गया।
- संभावित डील के संकेत भी दिए गए।
- ईरान ने अमेरिका पर नाकेबंदी का आरोप लगाया।
- अमेरिका ने अरब सागर में युद्धपोतों की तैनाती का दावा किया।
वाशिंगटन, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका के बीच अस्थाई सीजफायर जारी है, लेकिन दोनों पक्षों से विवादास्पद बयानबाजी का दौर जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर तीखा हमला किया है। उन्होंने ओवल ऑफिस में शनिवार को कहा कि ईरान हमें होर्मुज के नाम पर ब्लैकमेल नहीं कर सकता।
ट्रंप ने ईरान की कमजोरियों पर टिप्पणी करते हुए कहा, "ईरान के पास न तो कोई नौसेना है और न ही वायुसेना। उनके पास नेतृत्व की कमी है।" फिर भी, उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान से बातचीत कर रहा है। ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह कई लोगों का जीवन ले चुका है और अब वह बचने में सफल नहीं होगा।
हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के साथ डील की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा, "वे अब थोड़े नरम पड़ गए हैं, और डील की प्रक्रिया में कुछ सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।"
एक दिन पहले, ईरान ने होर्मुज को सभी के लिए खोलने की घोषणा की थी, लेकिन शनिवार को इस समुद्री मार्ग पर फिर से पाबंदियां लगाई गईं। ईरान ने कहा कि अमेरिका सीजफायर डील का उल्लंघन कर रहा है, इसलिए अब होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सेना के नियंत्रण में होगी।
ईरान ने यह स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक वह होर्मुज से जहाजों को गुजरने से रोकेगा। इस बीच, अमेरिका ने अरब सागर में अपने युद्धपोतों की तैनाती का दावा किया है। सेंटकॉम द्वारा जारी तस्वीरों के अनुसार, यूएसएस कैनबरा अरब सागर में गश्त कर रहा है।
बदलते घटनाक्रम के बीच, ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने ट्रंप के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ट्रंप बहुत अधिक बोलते हैं और उनके बयान अक्सर विरोधाभासी होते हैं। यह टिप्पणी तुर्की के अंताल्या डिप्लोमैटिक फोरम में की गई थी।