तमिलनाडु मतगणना 4 मई: 62 केंद्रों पर 10,545 कर्मचारी, CAPF की 65 कंपनियाँ तैनात

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तमिलनाडु मतगणना 4 मई: 62 केंद्रों पर 10,545 कर्मचारी, CAPF की 65 कंपनियाँ तैनात

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई को होगी — 62 केंद्रों पर 10,545 कर्मचारी, CAPF की 65 कंपनियाँ और पहली बार QR कोड आधारित प्रवेश प्रणाली। यह चुनाव आयोग के तकनीकी और सुरक्षा प्रबंधन का अब तक का सबसे व्यापक प्रयोग है।

Key Takeaways

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई 2026 को 62 केंद्रों पर होगी। 75,064 मतदान केंद्रों के वोटों की गिनती के लिए 3,324 मतगणना मेजें और 234 ईवीएम कक्ष तैयार। कुल 10,545 मतगणना कर्मी और 4,624 सूक्ष्म पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। CAPF की 65 कंपनियाँ त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात। पहली बार ECINET QR कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू की गई है। मतगणना सुबह 8:00 बजे डाक मतपत्रों से और 8:30 बजे ईवीएम गिनती से शुरू होगी।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई 2026 को राज्यभर के 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। 75,064 मतदान केंद्रों और डाक मतपत्रों में दर्ज वोटों की गिनती इन्हीं केंद्रों पर होगी। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है।

मतगणना की संरचना और व्यवस्था

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में दर्ज वोटों की गिनती के लिए 234 मतगणना कक्ष तैयार किए गए हैं। डाक मतपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्रों (ईटीपीबी) की गिनती के लिए उसी स्थान पर 240 अतिरिक्त कक्ष निर्धारित किए गए हैं। कुल 3,324 मतगणना मेजों का उपयोग किया जाएगा।

मतगणना का संचालन रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) की सहायता से किया जाएगा। डाक मतपत्रों की गिनती के लिए प्रत्येक 500 मतपत्रों पर एक मतगणना मेज उपलब्ध कराई जाएगी और इस कार्य के लिए 1,135 अतिरिक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी तैनात किए गए हैं।

कर्मचारी और पर्यवेक्षक की तैनाती

मतगणना प्रक्रिया के लिए कुल 10,545 मतगणना कर्मियों को तैनात किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु इन्हें 4,624 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों का सहयोग प्राप्त होगा। भारत निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक-एक सहित कुल 234 मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जो आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे।

त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था

सभी मतगणना केंद्रों पर व्यापक त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की गई है। प्रत्येक मतगणना केंद्र के चारों ओर 100 मीटर की परिधि से सुरक्षा घेरा शुरू होता है, जहाँ केवल अधिकृत कर्मियों को प्रवेश की अनुमति है। प्रवेश द्वारों पर पहचान पत्र सत्यापन और तलाशी के लिए पर्याप्त पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।

मतगणना परिसर के प्रवेश द्वारों की सुरक्षा राज्य सशस्त्र पुलिस के हाथों में होगी, जो अनधिकृत आवाजाही को रोकेगी। मतगणना कक्षों और ईवीएम स्ट्रांग रूम के सबसे भीतरी प्रवेश द्वार की सुरक्षा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) द्वारा की जाएगी। मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को मतगणना कक्षों के भीतर ले जाने से रोकने के लिए सख्त तलाशी प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।

स्थानीय पुलिस और राज्य सशस्त्र पुलिस के अतिरिक्त, सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए CAPF की 65 कंपनियाँ मतगणना केंद्रों पर तैनात की गई हैं।

QR कोड आधारित पहचान प्रणाली — पहली बार

पहली बार भारत निर्वाचन आयोग ने ECINET के माध्यम से QR कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की है। तीसरे और सबसे भीतरी सुरक्षा चेकपॉइंट पर QR कोड स्कैनिंग के माध्यम से सफल सत्यापन के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

यह पहचान पत्र रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी कर्मी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट सहित सभी अधिकृत कर्मियों के लिए अनिवार्य होगा। गौरतलब है कि यह तकनीकी कदम अनधिकृत प्रवेश की किसी भी संभावना को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मतगणना का समय और परिणाम घोषणा

मतगणना सुबह 8:00 बजे डाक मतपत्रों की गिनती से शुरू होगी, इसके बाद सुबह 8:30 बजे ईवीएम की गिनती आरंभ होगी। सभी विधानसभा क्षेत्रों के चरणवार परिणाम संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सार्वजनिक संबोधन प्रणाली के माध्यम से घोषित किए जाएंगे और ये परिणाम ECINET ऐप पर भी प्रदर्शित होंगे। इस बार की मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती तमिलनाडु में चुनावी प्रबंधन के एक नए मानक की ओर इशारा करती है।

Point of View

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। पिछले कुछ चुनावों में मतगणना केंद्रों पर अनधिकृत भीड़ और सूचना लीक की शिकायतें आई हैं — QR स्कैनिंग इस खामी को तकनीकी रूप से बंद करने का प्रयास है। हालाँकि, 62 केंद्रों पर एक साथ इतनी बड़ी तकनीकी प्रणाली का पहली बार उपयोग अपने आप में एक परीक्षण है। यदि यह सफल रहा, तो यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना कब और कहाँ होगी?
मतगणना 4 मई 2026 को राज्यभर के 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर होगी। 75,064 मतदान केंद्रों और डाक मतपत्रों के वोटों की गिनती इन्हीं केंद्रों पर की जाएगी।
मतगणना में कितने कर्मचारी और पर्यवेक्षक तैनात होंगे?
कुल 10,545 मतगणना कर्मियों को तैनात किया गया है और 4,624 सूक्ष्म पर्यवेक्षक उनकी सहायता करेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने 234 मतगणना पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए हैं।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी होगी?
सभी केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है — बाहरी परिधि पर स्थानीय पुलिस, परिसर प्रवेश पर राज्य सशस्त्र पुलिस और सबसे भीतरी स्तर पर CAPF। CAPF की 65 कंपनियाँ तैनात की गई हैं।
QR कोड आधारित पहचान पत्र प्रणाली क्या है और यह पहली बार क्यों खास है?
भारत निर्वाचन आयोग ने पहली बार ECINET के माध्यम से QR कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू की है। तीसरे सुरक्षा चेकपॉइंट पर QR स्कैनिंग से सत्यापन के बाद ही मतगणना कक्षों में प्रवेश मिलेगा।
मतगणना किस समय शुरू होगी और परिणाम कैसे घोषित होंगे?
मतगणना सुबह 8:00 बजे डाक मतपत्रों की गिनती से शुरू होगी और 8:30 बजे ईवीएम गिनती आरंभ होगी। परिणाम सार्वजनिक संबोधन प्रणाली और ECINET ऐप दोनों पर घोषित किए जाएंगे।
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