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बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर नोएडा में 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ', युवा क्रांति सेना ने मनाया जश्न

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बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर नोएडा में 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ', युवा क्रांति सेना ने मनाया जश्न

सारांश

न्यायालय द्वारा बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के बाद नोएडा में युवा क्रांति सेना ने 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ' आयोजित किया। संगठन ने इसे सत्य और न्याय की जीत बताया, साथ ही कथित झूठे आरोप लगाने वालों के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना की।

मुख्य बातें

3 अगस्त को नोएडा के श्रीशनि मंदिर, निठारी में युवा क्रांति सेना ने 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ' आयोजित किया।
यज्ञ बृजभूषण शरण सिंह के न्यायालय द्वारा बरी किए जाने के बाद आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह ने कहा — यज्ञ किसी के प्रति दुर्भावना नहीं, बल्कि सद्बुद्धि की प्रार्थना है।
संस्थापक सदस्य राजेश अम्बवता ने बिना प्रमाण के लगाए गए आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में चेयरमैन लोकेश चौहान सहित कई पदाधिकारी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नोएडा के सेक्टर-31 स्थित श्रीशनि मंदिर, निठारी में 3 अगस्त को युवा क्रांति सेना ने 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ एवं सद्बुद्धि प्रार्थना सभा' का आयोजन किया — यह आयोजन न्यायालय द्वारा भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को संबंधित प्रकरण में बरी किए जाने के बाद किया गया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति दी और न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य

युवा क्रांति सेना के अनुसार, यह आयोजन सत्य, न्याय और सामाजिक सद्भाव का संदेश फैलाने के लिए किया गया। उपस्थित लोगों ने भगवान शनिदेव की पूजा-अर्चना कर समाज में सत्य और न्याय की स्थापना की कामना की।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का वक्तव्य

युवा क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह ने कहा कि न्यायालय के निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सत्य को अधिक समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ' किसी के प्रति दुर्भावना का प्रतीक नहीं है, बल्कि — संगठन के अनुसार — उन लोगों के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना है जिन्होंने कथित तौर पर राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगाकर एक सम्मानित व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया।

संस्थापक सदस्य की बात

संगठन के संस्थापक सदस्य राजेश अम्बवता ने कहा कि बिना पर्याप्त प्रमाण के किसी पर आरोप लगाना और मीडिया के माध्यम से उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के इस निर्णय से देश की न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मज़बूत होगा।

उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी

कार्यक्रम में युवा क्रांति सेना के चेयरमैन लोकेश चौहान सहित अर्जुन प्रजापति, दुर्गा प्रसाद दुबे, प्रशांत यादव, रवि प्रजापति, तरुण कुमार, जीता भट्ट और पूरण पाल समेत कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यज्ञ के समापन पर सदस्यों ने समाज में सौहार्द, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए सामूहिक प्रार्थना की।

आगे क्या

संगठन ने समाज से अपील की है कि किसी भी मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाए और न्यायपालिका के निर्णयों का सम्मान किया जाए। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने को लेकर देशभर में विभिन्न प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों एक साथ। गौरतलब है कि इस मामले में पीड़ित पक्ष की भी अपनी कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है। न्यायालय का बरी करना अपराध न होने का निर्णायक प्रमाण नहीं होता — यह केवल अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की अपर्याप्तता को दर्शाता है। ऐसे आयोजनों को 'सत्य की जीत' के रूप में प्रस्तुत करना उन महिला पहलवानों की आवाज़ को हाशिये पर धकेल सकता है जिन्होंने यह मामला उठाया था।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृजभूषण शरण सिंह को किस मामले में बरी किया गया?
भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को न्यायालय ने संबंधित प्रकरण में बरी कर दिया। यह मामला महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़ा था, जिसने 2023 में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया था।
युवा क्रांति सेना का 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ' क्या था?
युवा क्रांति सेना द्वारा 3 अगस्त को नोएडा के सेक्टर-31 स्थित श्रीशनि मंदिर, निठारी में आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम था। संगठन के अनुसार, यह न्यायालय के निर्णय के स्वागत और कथित झूठे आरोप लगाने वालों के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना के उद्देश्य से किया गया।
युवा क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने क्या कहा?
राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह ने कहा कि न्यायालय के निर्णय ने स्पष्ट किया है कि सत्य को अधिक समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यह यज्ञ किसी के प्रति दुर्भावना नहीं, बल्कि — संगठन के अनुसार — कथित रूप से झूठे आरोप लगाने वालों के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना है।
इस आयोजन में कौन-कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में युवा क्रांति सेना के चेयरमैन लोकेश चौहान, संस्थापक सदस्य राजेश अम्बवता, अर्जुन प्रजापति, दुर्गा प्रसाद दुबे, प्रशांत यादव, रवि प्रजापति, तरुण कुमार, जीता भट्ट और पूरण पाल सहित कई पदाधिकारी व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
न्यायालय के बरी करने का सामाजिक संदेश क्या है?
संगठन के सदस्यों के अनुसार, यह निर्णय इस बात का संदेश देता है कि किसी भी मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से न्यायपालिका के प्रति लोगों का विश्वास और मज़बूत होगा।
राष्ट्र प्रेस
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