बृजभूषण शरण सिंह की गोंडा में 'सत्यमेव जयते रैली': बरी होने के बाद बोले — साजिश से बदनाम किया गया
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 6 अगस्त 2026 को गोंडा में आयोजित 'सत्यमेव जयते रैली' में हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए दिल्ली की अदालत से बरी होने के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने अपने खिलाफ चले अभियान को राजनीतिक साजिश करार दिया और दावा किया कि उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले से समर्थक रैली में पहुँचे।
आरोपों को बताया राजनीतिक षड्यंत्र
सिंह ने कहा कि उन्हें जानबूझकर ऐसी छवि में प्रस्तुत किया गया, मानो उन्होंने कोई गंभीर अपराध किया हो। उनके अनुसार, पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते समय स्पर्श को गलत मंशा से जोड़कर प्रचारित किया गया और उनके विरुद्ध ऐसा माहौल बनाया गया जो वास्तविकता से परे था। उन्होंने कहा कि इस पूरे अभियान में विपक्षी दल, विभिन्न संगठन और कई प्रभावशाली व्यक्ति शामिल रहे।
सिंह ने यह भी दावा किया कि उनके पास 42 लोगों, संगठनों और राजनीतिक दलों की सूची है जिन्होंने उनके खिलाफ माहौल बनाने में भूमिका निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उद्योगपतियों ने इस अभियान को आर्थिक सहयोग भी दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनों के दौरान उन्हें 'जिंदा जलाने' जैसी माँगें उठाई गईं।
विपक्ष पर तीखा हमला
पूर्व सांसद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान विपक्ष के पास न तो स्पष्ट विचारधारा है और न ही स्वतंत्र आंदोलन खड़ा करने की क्षमता। उनके अनुसार, पिछले दस वर्षों में विपक्ष जंतर-मंतर पर अपने बलबूते कोई बड़ा जन-आंदोलन नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अन्ना हजारे के आंदोलन, यौन उत्पीड़न के मामलों, किसान आंदोलन और अब छात्र मुद्दों की आड़ लेकर राजनीति की है।
छात्र आंदोलन और केंद्र सरकार की सराहना
सिंह ने हालिया छात्र आंदोलन को 'पवित्र आंदोलन' बताया और कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने जिम्मेदारी का परिचय दिया और तत्काल निर्णय लिया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इसे अपनी राजनीतिक जीत के रूप में भुनाने की कोशिश कर रहा है।
झारखंड आंदोलन पर टिप्पणी
झारखंड में चल रहे आंदोलन का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल चुनिंदा मुद्दों पर ही सक्रिय दिखते हैं और अन्य राज्यों के आंदोलनों से दूरी बनाए रखते हैं — जो उनकी दोहरी नीति को उजागर करता है।
आगे क्या
बरी होने के बाद यह रैली सिंह की राजनीतिक पुनर्वापसी की दिशा में पहला बड़ा सार्वजनिक कदम मानी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता का समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है और वे उन लोगों की सूची सार्वजनिक करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं जिन्होंने कथित तौर पर उनके खिलाफ अभियान चलाया।