6 अगस्त 2026
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बृजभूषण शरण सिंह की गोंडा में 'सत्यमेव जयते रैली': बरी होने के बाद बोले — साजिश से बदनाम किया गया

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बृजभूषण शरण सिंह की गोंडा में 'सत्यमेव जयते रैली': बरी होने के बाद बोले — साजिश से बदनाम किया गया

सारांश

दिल्ली अदालत से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह का गोंडा में पहला बड़ा सार्वजनिक मंच — 'सत्यमेव जयते रैली'। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया, 42 लोगों व संगठनों की सूची का दावा किया और विपक्ष पर जमकर हमला बोला।

मुख्य बातें

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 6 अगस्त 2026 को गोंडा में 'सत्यमेव जयते रैली' आयोजित की।
दिल्ली की अदालत से बरी होने के बाद यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक संबोधन था।
सिंह ने दावा किया कि 42 लोगों, संगठनों और राजनीतिक दलों ने उनके खिलाफ अभियान चलाया और कुछ उद्योगपतियों ने आर्थिक सहयोग दिया।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह पिछले दस वर्षों में स्वतंत्र रूप से कोई बड़ा आंदोलन नहीं कर पाया।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रशंसा की और हालिया छात्र आंदोलन को 'पवित्र आंदोलन' बताया।

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 6 अगस्त 2026 को गोंडा में आयोजित 'सत्यमेव जयते रैली' में हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए दिल्ली की अदालत से बरी होने के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने अपने खिलाफ चले अभियान को राजनीतिक साजिश करार दिया और दावा किया कि उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले से समर्थक रैली में पहुँचे।

आरोपों को बताया राजनीतिक षड्यंत्र

सिंह ने कहा कि उन्हें जानबूझकर ऐसी छवि में प्रस्तुत किया गया, मानो उन्होंने कोई गंभीर अपराध किया हो। उनके अनुसार, पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते समय स्पर्श को गलत मंशा से जोड़कर प्रचारित किया गया और उनके विरुद्ध ऐसा माहौल बनाया गया जो वास्तविकता से परे था। उन्होंने कहा कि इस पूरे अभियान में विपक्षी दल, विभिन्न संगठन और कई प्रभावशाली व्यक्ति शामिल रहे।

सिंह ने यह भी दावा किया कि उनके पास 42 लोगों, संगठनों और राजनीतिक दलों की सूची है जिन्होंने उनके खिलाफ माहौल बनाने में भूमिका निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उद्योगपतियों ने इस अभियान को आर्थिक सहयोग भी दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनों के दौरान उन्हें 'जिंदा जलाने' जैसी माँगें उठाई गईं।

विपक्ष पर तीखा हमला

पूर्व सांसद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान विपक्ष के पास न तो स्पष्ट विचारधारा है और न ही स्वतंत्र आंदोलन खड़ा करने की क्षमता। उनके अनुसार, पिछले दस वर्षों में विपक्ष जंतर-मंतर पर अपने बलबूते कोई बड़ा जन-आंदोलन नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अन्ना हजारे के आंदोलन, यौन उत्पीड़न के मामलों, किसान आंदोलन और अब छात्र मुद्दों की आड़ लेकर राजनीति की है।

छात्र आंदोलन और केंद्र सरकार की सराहना

सिंह ने हालिया छात्र आंदोलन को 'पवित्र आंदोलन' बताया और कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने जिम्मेदारी का परिचय दिया और तत्काल निर्णय लिया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इसे अपनी राजनीतिक जीत के रूप में भुनाने की कोशिश कर रहा है।

झारखंड आंदोलन पर टिप्पणी

झारखंड में चल रहे आंदोलन का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल चुनिंदा मुद्दों पर ही सक्रिय दिखते हैं और अन्य राज्यों के आंदोलनों से दूरी बनाए रखते हैं — जो उनकी दोहरी नीति को उजागर करता है।

आगे क्या

बरी होने के बाद यह रैली सिंह की राजनीतिक पुनर्वापसी की दिशा में पहला बड़ा सार्वजनिक कदम मानी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता का समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है और वे उन लोगों की सूची सार्वजनिक करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं जिन्होंने कथित तौर पर उनके खिलाफ अभियान चलाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक पुनर्वापसी की घोषणा है। अदालती बरी होना कानूनी जीत है, लेकिन जिस मामले ने भारतीय कुश्ती संघ और ओलंपिक पदक विजेता पहलवानों को महीनों तक सुर्खियों में रखा, उसकी नैतिक और संस्थागत जवाबदेही का सवाल अभी खुला है। '42 लोगों की सूची' का दावा राजनीतिक पलटवार की रणनीति है — इसे सार्वजनिक किए बिना इसकी विश्वसनीयता परखना संभव नहीं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि यह रैली आगामी चुनावी समीकरणों में उनकी प्रासंगिकता को पुनर्स्थापित करने की कोशिश भी है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृजभूषण शरण सिंह की 'सत्यमेव जयते रैली' क्या थी?
यह 6 अगस्त 2026 को गोंडा में आयोजित एक जनसभा थी, जिसे दिल्ली की अदालत से बरी होने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त करने और अपना पक्ष रखने के लिए आयोजित किया।
बृजभूषण शरण सिंह ने अपने खिलाफ लगे आरोपों पर क्या कहा?
सिंह ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते समय स्पर्श को गलत मंशा से जोड़कर प्रचारित किया गया। उन्होंने 42 लोगों, संगठनों और दलों की सूची का दावा किया जिन्होंने कथित तौर पर उनके खिलाफ अभियान चलाया।
बृजभूषण ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास न स्पष्ट विचारधारा है और न स्वतंत्र आंदोलन की क्षमता। पिछले दस वर्षों में विपक्ष अन्ना हजारे, किसान आंदोलन और यौन उत्पीड़न जैसे मुद्दों की आड़ लेकर राजनीति करता रहा है।
रैली में धर्मेंद्र प्रधान का जिक्र क्यों हुआ?
बृजभूषण ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने हालिया छात्र आंदोलन पर संवेदनशीलता दिखाई और तत्काल निर्णय लिया। उन्होंने इसे केंद्रीय नेतृत्व की जिम्मेदारी का उदाहरण बताया।
क्या बृजभूषण शरण सिंह की राजनीतिक वापसी तय मानी जा रही है?
यह रैली उनकी राजनीतिक पुनर्वापसी का पहला संकेत मानी जा रही है। अदालत से बरी होने के बाद उन्होंने जनसमर्थन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया, हालांकि भविष्य की राजनीतिक योजनाओं पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
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