10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बृजभूषण शरण सिंह का दावा: साजिश में 42 बड़े लोग, हुड्डा परिवार और सुप्रीम कोर्ट वकील ने लिखी स्क्रिप्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बृजभूषण शरण सिंह का दावा: साजिश में 42 बड़े लोग, हुड्डा परिवार और सुप्रीम कोर्ट वकील ने लिखी स्क्रिप्ट

सारांश

राऊज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने पलटवार किया — 42 बड़े लोगों की साजिश, हुड्डा परिवार की कथित भूमिका और सर्वोच्च न्यायालय के वकील का नाम। यह मामला अदालत से निकलकर अब राजनीतिक अखाड़े में उतर आया है।

मुख्य बातें

बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में बरी किया।
सिंह ने दावा किया कि साजिश में 42 बड़े लोग शामिल थे, जिनमें राजनीतिक दल और उद्योगपति भी हैं।
हुड्डा परिवार और सर्वोच्च न्यायालय के एक वरिष्ठ वकील पर स्क्रिप्ट तैयार करने का आरोप लगाया।
मामले में अमेरिका और कनाडा तक में प्रदर्शन हुए; सिंह ने इसे संगठित दबाव अभियान बताया।
आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों के लिए उच्च न्यायालय जाने का रास्ता अभी खुला है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 10 अगस्त 2026 को गोंडा में मीडिया से बातचीत में कहा कि महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में उनके विरुद्ध रची गई साजिश में 42 बड़े लोग शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हुड्डा परिवार और सर्वोच्च न्यायालय के एक वरिष्ठ वकील के सामने बैठकर इस पूरे मामले की स्क्रिप्ट तैयार की गई थी। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद सिंह ने पहली बार इस विस्तार से अपना पक्ष रखा।

42 लोगों की सूची का दावा

बृजभूषण सिंह ने कहा, 'हमने 42 लोगों की एक सूची तैयार की है, जिसमें कुछ बहुत बड़े नाम शामिल हैं। इसमें राजनीतिक पार्टियाँ भी हैं। कुछ लोग इस साजिश में शुरुआत में जुड़े, तो कुछ बाद में। कुछ उद्योगपति भी थे, जो बाद में जुड़े।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पूरे होटल का खर्च कौन उठा रहा था। यह उल्लेखनीय है कि ये दावे अभी तक कोर्ट में प्रमाणित नहीं हुए हैं और सिंह ने इन्हें अपना व्यक्तिगत आरोप बताया है।

हुड्डा परिवार और वकील पर आरोप

सिंह ने दावा किया, 'हुड्डा परिवार और सर्वोच्च न्यायालय के एक बड़े वकील के सामने बैठकर पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई। फिर बच्चे तैयार नहीं हो रहे थे। उस समय तीन पहलवान खुद सामने आए — इनमें से एक ने कहा कि मेरी पत्नी आरोप लगाएगी और दो ने खुद आरोप लगाने की बात बोली थी।' उन्होंने महादेव रेसलिंग अकेडमी का भी उल्लेख किया और इसे हुड्डा परिवार से जोड़ा, यह कहते हुए कि संबंधित पहलवानों को सरकारी पद दिलाने का प्रलोभन दिया गया था।

राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय दबाव का जिक्र

भाजपा नेता ने कहा कि इस मामले में अमेरिका और कनाडा तक में प्रदर्शन हुए और लगभग सभी विपक्षी दल इस दबाव में शामिल थे। उन्होंने कहा, 'यह दबाव सिर्फ मुझ पर नहीं, बल्कि खेल जगत पर भी था, क्योंकि मामले में वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन महिला खिलाड़ियाँ शामिल थीं।' उन्होंने यह भी कहा कि महिला पहलवानों द्वारा गंगा में मेडल बहाने की घटना दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा थी। गौरतलब है कि यह पूरा आंदोलन जनवरी 2023 में शुरू हुआ था और महीनों तक चला।

अपने ऊपर आरोपों पर सिंह का जवाब

बृजभूषण सिंह ने अपने बचाव में कहा, 'मैंने न किसी का कपड़ा पकड़ा और न कपड़ा उतारने की कोशिश की, लेकिन ऐसा प्रसारित किया गया जैसे बहुत बच्चों के साथ यह घटना घटी। एक रेपिस्ट की छवि बनाने की कोशिश की गई थी।' उन्होंने कहा कि वे शुरू से धैर्यपूर्वक अपना पक्ष रखते रहे और कभी विचलित नहीं हुए। साथ ही उन्होंने उन सभी लोगों का आभार जताया जो मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहे।

आगे क्या होगा

सिंह ने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों के लिए उच्च न्यायालय जाने का रास्ता अभी भी खुला है। उनके अनुसार, मामले को लंबा खींचने की कोशिश की जा रही थी और एक-एक तारीख पर आने के लिए 6-6 महीने का समय लिया गया। अब जब निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया है, तो उनके द्वारा तैयार 42 लोगों की सूची और उससे जुड़े दावे आने वाले दिनों में राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर नई बहस छेड़ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक निर्दोषता का प्रमाण-पत्र नहीं। '42 लोगों की सूची' और हुड्डा परिवार पर लगाए गए आरोप अभी तक सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हैं; इन्हें उसी तरह देखा जाना चाहिए जैसे पहलवानों के आरोपों को — एकपक्षीय बयान, जब तक साक्ष्य न हों। असली सवाल यह है कि क्या सिंह इस सूची को किसी न्यायिक या संसदीय मंच पर पेश करेंगे, या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएगी। महिला पहलवानों का संघर्ष — जिन्होंने ओलंपिक मेडल दाँव पर लगाए — इस राजनीतिक शोर में दब न जाए, यह सुनिश्चित करना मीडिया और संस्थाओं दोनों की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृजभूषण शरण सिंह को किस मामले में बरी किया गया?
बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में बरी किया। यह मामला जनवरी 2023 में शुरू हुए पहलवानों के आंदोलन के बाद दर्ज हुआ था।
बृजभूषण सिंह ने 42 लोगों की सूची का दावा क्यों किया?
सिंह का कहना है कि उनके विरुद्ध रची गई साजिश में राजनीतिक दलों, उद्योगपतियों और अन्य प्रभावशाली लोगों सहित 42 व्यक्ति शामिल थे। हालाँकि यह सूची अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है और इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
हुड्डा परिवार और सुप्रीम कोर्ट वकील पर क्या आरोप लगाए गए?
बृजभूषण सिंह ने आरोप लगाया कि हुड्डा परिवार और सर्वोच्च न्यायालय के एक वरिष्ठ वकील के सामने बैठकर पूरे मामले की स्क्रिप्ट तैयार की गई और पहलवानों को आरोप लगाने के लिए तैयार किया गया। ये आरोप सिंह के अपने बयान हैं और इनकी न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या महिला पहलवान अब भी कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं?
हाँ, बृजभूषण सिंह ने खुद कहा कि आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों के लिए उच्च न्यायालय जाने का रास्ता अभी खुला है। निचली अदालत का फैसला अंतिम नहीं होता और उच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है।
इस मामले में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन क्यों हुए थे?
सिंह के अनुसार अमेरिका और कनाडा तक में प्रदर्शन हुए क्योंकि मामले में वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन महिला खिलाड़ियाँ शामिल थीं, जिससे यह विषय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। सिंह ने इसे संगठित दबाव अभियान का हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले